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काल भैरव अष्टमी आज, जानें काल भैरव के 8 रूपों के बारे में

News18Hindi
Updated: November 19, 2019, 8:01 AM IST
काल भैरव अष्टमी आज, जानें काल भैरव के 8 रूपों के बारे में
जानें काल भैरव के 8 रूपों के बारे में

काल भैरव अष्टमी (Kaal Bhairav Jayanti): आज के दिन जो भी व्यक्ति पूरे मन और विधि विधान के साथ भगवान काल भैरव की पूजा अर्चना करता है भगवान हर बाधा और संकट से उसकी रक्षा करते हैं.

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काल भैरव अष्टमी (Kaal Bhairav Jayanti): आज 19 नवंबर, मंगलवार को काल भैरव अष्टमी मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन जो भी व्यक्ति पूरे मन और विधि विधान के साथ भगवान काल भैरव की पूजा अर्चना करता है भगवान हर बाधा और संकट से उसकी रक्षा करते हैं. रोग दोष भी उससे दूर रहते हैं. आइए जानते हैं भगवान काल भैरव के 8 रूपों के बारे में..

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दैनिक भास्कर में धार्मिक ग्रंथ स्कंद पुराण के अवंति खंड के हवाले से प्रकाशित किया गया है कि माना जाता है कि भगवान भैरव के 8 रूप हैं. पहले रूप का नाम रुरुभैरव है जबकि तीसरे रूप को कालभैरव कहा जाता है. वहीं शिव पुराण में भी इस बात का जिक्र है कि जब शाम ढलती है और रात शुरू होती है तब बीच के समय में यानी कि प्रदोष काल में भगवान शिव के गुस्से से काल भैरव अवतरित हुए थे. इसके अलावा भी भगवान काल भैरव के सात रूप हैं जिनके अलग अलग गुण हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में:

1.रुरुभैरव, 2. संहारभैरव, 3. कालभैरव, 4. असितभैरव, 5. क्रोधभैरव, 6. भीषणभैरव, 7. महाभैरव, 8. खटवांगभैरव.

काल भैरव अष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त:
काल भैरव अष्टमी की शुरुआत 19 नवंबर को शाम 3 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगी.
काल भैरव अष्टमी का समापन 20 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर होगा.इसे भी पढ़ेंः हनुमान भक्त भूलकर भी घर पर न रखें भगवान की ऐसी तस्वीर, जानें कैसे होगा संकट दूर

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

 

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First published: November 19, 2019, 6:00 AM IST
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