Kajari Teej 2020: कजरी तीज पर पति की लंबी उम्र और सुख समृद्धि के लिए जरूर पढ़ें ये व्रत कथा

Kajari Teej 2020: कजरी तीज पर पति की लंबी उम्र और सुख समृद्धि के लिए जरूर पढ़ें ये व्रत कथा
कजरी तीज पर सुहागिन महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और नीमड़ी माता की पूजा-अर्चना करती हैं.

कजरी तीज (Kajari Teej) व्रत (Vrat) को सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत के रूप में रखती हैं. इस दौरान व्रत कथा (Vrat Katha) भी पढ़ी जाती है. माना जाता है कि अगर व्रत पूजन करते समय कजरी तीज की व्रत कथा की जाए तो बेहद फलदायी होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 7:30 AM IST
  • Share this:
हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज (Kajari Teej) का व्रत रखा जाता है. इस बार यह त्योहार गुरुवार 6 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है. कजरी तीज पर सुहागिन महिलाएं भगवान शिव (Lord Shiva), माता पार्वती (Goddess Parvati) और नीमड़ी माता की पूजा-अर्चना करती हैं. अपने पति (Husband) की लंबी आयु और परिवार की सुख समृद्धि की मनोकामना के लिए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं. इस व्रत (Vrat) को सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत के रूप में रखती हैं. इस दौरान व्रत कथा भी पढ़ी जाती है. माना जाता है कि अगर व्रत पूजन करते समय कजरी तीज की व्रत कथा की जाए तो बेहद फलदायी होता है. अगर आप भी आज कजरी तीज का व्रत कर रही हैं तो यहां पढ़ें कजरी या कजली तीज की पौराणिक व्रत कथा.

ब्राह्मणी ने तीज माता का व्रत किया
एक गांव में एक ब्राह्मण रहता था जो बहुत गरीब था. उसके साथ उसकी पत्नी ब्राह्मणी भी रहती थी. इस दौरान भाद्रपद महीने की कजली तीज आई. ब्राह्मणी ने तीज माता का व्रत किया. उसने अपने पति यानी ब्राह्मण से कहा कि उसने तीज माता का व्रत रखा है. उसे चने का सतु चाहिए. कहीं से ले आओ. ब्राह्मण ने ब्राह्मणी को बोला कि वो सतु कहां से लाएगा. सतु कहां से लाऊं. इस पर ब्राह्मणी ने कहा कि उसे सतु चाहिए फिर चाहे वो चोरी करे या डाका डालें लेकिन उसके लिए सतु लेकर आए.

साहूकार आया और ब्राह्मण को पकड़ लिया
रात का समय था. ब्राह्मण घर से निकलकर साहूकार की दुकान में घुस गया. उसने साहूकार की दुकान से चने की दाल, घी और शक्कर सवा किलो तोल लिया. फिर इन सब से सतु बना लिया. जैसे ही वो जाने लगा वैसे ही आवाज सुनकर दुकान के सभी नौकर जाग गए. सभी जोर-जोर से चोर-चोर चिल्लाने लगे. इतने में ही साहूकार आया और ब्राह्मण को पकड़ लिया. ब्राह्मण ने कहा कि वो चोर नहीं है. वो एक एक गरीब ब्राह्मण है. उसकी पत्नी ने तीज माता का व्रत किया है इसलिए सिर्फ यह सवा किलो का सतु बनाकर ले जाने आया था. जब साहूकार ने ब्राह्मण की तलाशी ली तो उसके पास से सतु के अलावा और कुछ नहीं मिला.



सबने मिलकर कजली माता की पूजा की
उधर चांद निकल गया था और ब्राह्मणी सतु का इंतजार कर रही थी. साहूकार ने ब्राह्मण से कहा कि आज से वो उसकी पत्नी को अपनी धर्म बहन मानेगा. उसने ब्राह्मण को सतु, गहने, रुपए, मेहंदी, लच्छा और बहुत सारा धन देकर दुकान से विदा कर दिया. फिर सबने मिलकर कजली माता की पूजा की. जिस तरह से ब्राह्मण के दिन सुखमय हो गए ठीक वैसे ही कजली माता की कृपा सब पर बनी रहे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज