Kajari Teej 2019: कब है कजरी तीज, जानें, शुभ समय, पढ़िए पौराणिक कथा

Kajari Teej 2019: पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी पार्वती ने शिव से विवाह के लिए कठिन तपस्या की. ये तप 108 सालों तक चला और शिव ने इसी दिन पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारा था.

News18Hindi
Updated: August 16, 2019, 8:21 AM IST
Kajari Teej 2019: कब है कजरी तीज, जानें, शुभ समय, पढ़िए पौराणिक कथा
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Updated: August 16, 2019, 8:21 AM IST
Kajari Teej 2019: विवाहित महिलाएं 18 अगस्त रविवार को कजरी तीज का व्रत रखेंगी. यह व्रत हर साल यह व्रत भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को रखा जाता है. यह व्रत माता पार्वती के कजरी स्वरुप को समर्पित है. इसलिए इसे कजली तीज कहा जाता है. सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए इस दिन व्रत रखकर माता कजरी की पूजा अर्चना करती हैं.. शादी की इच्छुक लड़कियां मनपसंद जीवनसाथी के लिए व्रत तथा पूजा करती हैं. हम आपके साथ बांट रहे हैं इसके नाम और इसकी प्रचलित कथा की जानकारी.

कजरी तीज का समय और तिथि:

18 अगस्त, 2019 (रविवार)
सूर्योदय: 18 अगस्त, 2019 6:07 am

सूर्यास्त: 18 अगस्त, 2019 6:53 pm
तृतीया तिथि शुरु: 17 अगस्त, 2019 10:48 pm
तृतीया तिथि समाप्त: 19 अगस्त, 2019 1:13 am
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क्यों पड़ा कजरी तीज नाम
पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी पार्वती ने शिव से विवाह के लिए कठिन तपस्या की. ये तप 108 सालों तक चला और शिव ने इसी दिन पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारा था. इसी दिन को कजरी तीज कहते और भगवान शिव की रजामंदी का उत्सव मनाते हैं.

तीज पर एक पौराणिक कथा 
एक साहूकार के सात बेटे थे. सतुदी तीज के दिन उसकी बड़ी बहू नीम के पेड़ की पूजा कर रही थी कि तभी उसके पति का देहांत हो गया. इसी तरह से एक-एक करके साहूकार के 6 बेटे गुजर गए. फिर सातवें बेटे की शादी होती है तो साहूकार और उसकी पत्नी बहुत डरे हुए रहते हैं. तीज के दिन नई बहू कहती है कि वो नीम के पेड़ की जगह उसकी टहनी तोड़कर उसकी पूजा करेगी. उसके पूजा करने के दौरान ही मृत बेटे लौट आते हैं लेकिन वे किसी को दिखाई नहीं देते. बस नई बहू ही ये बात देख पाती है. वो तुरंत अपनी जेठानियों से चिल्लाकर कहती है कि वे आएं और साथ मिलकर पूजा करें. जेठानियां कहती हैं कि वे ऐसा कैसे कर सकती हैं, जबकि उनके पति नहीं रहे. तब वे सभी साथ आकर पूजा करती हैं और उनके पति सामने प्रकट हो जाते हैं. तभी से इस दिन नीम की टहनी की पूजा की जाने लगी ताकि पति की लंबी उम्र बनी रहे.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: August 16, 2019, 8:15 AM IST
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