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जानें कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और क्या है इसका धार्मिक महत्व

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Updated: November 12, 2019, 9:43 AM IST
जानें कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और क्या है इसका धार्मिक महत्व
जानें कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान और दान करना काफी फलदायक माना जाता है...

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  • Last Updated: November 12, 2019, 9:43 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima): कार्तिक पूर्णिमा आज 12 नवंबर को मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा की काफी महत्ता बताई गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान और दान करना काफी फलदायक माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते हैं (स्नान करते हैं), तो उनके कई जन्मों के पापों का नाश हो जाता है. इस दिन जरूरतमंदों को दान करने से लोगों पर समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है.

कार्तिक पूर्णिमा की शुभ मुहूर्त (Kartik Purnima)
कार्तिक पूर्णिमा की शुरुआत 12 नवंबर 2019 से होगी.
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 11 नवंबर 2019 को शाम 06 बजकर 02 मिनट से ही हो जाएगी.

पूर्णिमा तिथि का समापन 12 नवंबर 2019 को शाम 07 बजकर 04 मिनट पर होगा.

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कार्तिक पूर्णिमा का महत्व:
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ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन विशेष विधि से पूजा-अर्चना की जाए तो समस्त देवी-देवताओं को आसानी से प्रसन्न किया जाता है. इस दिन पूरी विधि और मन से भगवान की आराधना करने से घर में धन और वैभव बना रहता है. साथ ही मनुष्य को सभी प्रकार की परेशानियों से मुक्ति मिलती है. इस पवित्र दिन विधि विधान से पूजा-अर्चना करने पर जन्मपत्री के सभी ग्रहदोष दूर हो जाते हैं.

कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है. दरअसल इसके पीछे यह मान्यता है कि त्रिपुरासुर नामक एक राक्षस ने प्रयाग में एक लाख साल तक घोर तप किया जिससे ब्रह्मा जी ने प्रसन्न होकर उसे दीर्घायु का वरदान दिया. इससे त्रिपुरासुर में अहंकार आ गया और वह स्वर्ग के कामकाज में बाधा डालने लगा व देवताओं को आए दिन तंग करने लगा.

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इस पर सभी देवी देवताओं ने शिव जी से प्रार्थना की कि उन्हें त्रिपुरासुर से मुक्ति दिलाएं. इस पर भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही त्रिपुरासुर नामक राक्षस को मार डाला था. तभी से कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा कहा जाने लगा. इसे गंगा दशहरा भी कहा जाता है.

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First published: November 12, 2019, 6:07 AM IST
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