अपना शहर चुनें

States

Kartik Purnima 2020: कार्तिक पूर्णिमा के दिन क्यों होती है तुलसी पूजा, जानें क्या है कारण

शास्त्रों में तुलसी के पौधे को लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) का रूप बताया गया है यानी जहां पर तुलसी होती है वहां पर मां लक्ष्मी का वास होता है.
शास्त्रों में तुलसी के पौधे को लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) का रूप बताया गया है यानी जहां पर तुलसी होती है वहां पर मां लक्ष्मी का वास होता है.

कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन तुलसी (Tulsi) का बैकुंठ धाम में आगमन हुआ था. इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा का खास महत्व है. यह भी कहा जाता है कि इसी दिन तुलसी का पृथ्वी पर आगमन भी हुआ था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 3:56 PM IST
  • Share this:
कार्तिक मास की अमावस्या का जितना महत्व माना गया है उतना ही महत्व कार्तिक मास की पूर्णिमा (Kartik Purnima) का माना जाता है. इस बार कार्तिक मास की पूर्णिमा 30 नवंबर 2020 को पड़ रही है. इस दिन दान और गंगा स्नान (Ganga Snan) करने का विशेष महत्व माना गया है. इसी दिन गुरुनानक जयंती होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. पुराणों में भी इस पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि कार्तिक माह विष्णु जी को प्रिय होता है. इस दिन देव दिवाली मनाने की भी परंपरा है. वहीं कार्तिक मास की एकादशी के दिन तुलसी का भगवान विष्णु के शालीग्राम रूप के साथ विवाह हुआ था.

वहीं कहा जाता है कि पूर्णिमा तिथि के दिन तुलसी का बैकुंठ धाम में आगमन हुआ था. इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा का खास महत्व है. यह भी कहा जाता है कि इसी दिन तुलसी का पृथ्वी पर आगमन भी हुआ था. इस दिन श्रीहरि की पूजा में तुलसी अर्पित करना लाभदायक होता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन घरों में तुलसी के पौधे के आगे दीपक जलाना और भगवान विष्णु की पूजा करने से लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती है. कार्तिक मास आरोग्य प्रदान करने वाला, रोगविनाशक, सद्बुद्धि प्रदान करने वाला तथा मां लक्ष्मी की साधना के लिए सर्वोत्तम है.

इसे भी पढ़ेंः Last lunar eclipse of 2020: इस तारीख को है साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें ग्रहण का समय



पूर्णिमा तिथि और शुभ मुहूर्त
कार्तिक पूर्णिमा आरंभ- 29 नवंबर 2020 को रात 12 बजकर 47 मिनट से
कार्तिक पूर्णिमा समाप्त- 30 नवंबर 2020 को रात 02 बजकर 59 मिनट तक
29 नवंबर की रात्रि में पूर्णिमा तिथि लगने के कारण 30 नवंबर को दान-स्नान किया जाएगा.

क्यों करनी चाहिए तुलसी पूजा
शास्त्रों में तुलसी के पौधे को लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) का रूप बताया गया है यानी जहां पर तुलसी होती है वहां पर मां लक्ष्मी का वास होता है. यह एक अद्भुत औषधीय पौधा (Medicinal Plant) है. तुलसी का पौधा घर में लगाने से नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) खत्म होती है और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है. तुलसी का पौधा घर में आने वाली विपत्ति को रोकने के साथ-साथ रोगों के नाश के लिए भी एक अच्छा उपाय है. साथ ही यह परिवार की आर्थिक स्थिति के लिए भी शुभ होती है. तुलसी का पौधा घर में होने से मन को शांति और प्रसन्नता मिलती है.

इसे भी पढ़ेंः Kartik Purnima 2020: कब है कार्तिक पूर्णिमा, जानें इस दिन दान-स्नान का महत्व और पौराणिक कथा

तुलसी का पौधा ऐसा है जो आपको मुसीबतों के बारें में पहले से ही सतर्क कर देता है. इस बारे में धर्म ग्रंथों में भी बताया गया है. पुराणों और शास्त्रों में बताया गया है कि जिस घर पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उस घर से सबसे पहले लक्ष्मी यानी कि तुलसी चली जाती है या सूख जाती है क्योंकि दरिद्रता, अशांति या क्लेश जहां भी होता है वहां लक्ष्मी जी का निवास कभी नहीं होता.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज