लाइव टीवी

Karva Chauth: करवा चौथ पर करवा माता की पूजा के बाद पढ़ें ये कथा, इसके बिना अधूरा है व्रत

News18Hindi
Updated: October 17, 2019, 11:22 AM IST
Karva Chauth: करवा चौथ पर करवा माता की पूजा के बाद पढ़ें ये कथा, इसके बिना अधूरा है व्रत
Karva Chauth: करवा चौथ पर करवा माता की पूजा के बाद पढ़ें ये व्रत कथा, इसके बिना अधूरा है व्रत

करवा चौथ (Karva Chauth) व्रत कथा: पति के मृत्यु के बाद वीरावती ने दुखी होकर अन्न-जल का त्याग कर दिया. उसी रात को इंद्राणी पृथ्वी पर आई. ब्राह्मण पुत्री ने उनसे अपने दुख का कारण पूछा. इंद्राणी ने बताया...

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2019, 11:22 AM IST
  • Share this:
करवा चौथ (Karva Chauth): आज 17 अक्टूबर को करवा चौथ है. महिलाओं ने सुबह सरगी खाकर व्रत शुरू कर दिया है. पूरे दिन निर्जला व्रत रह कर महिलाएं शाम को करवा माता की पूजा और कथा पढ़ने के बाद महिलाएं छलनी से चांद को देखकर अपने पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलेंगी. इस दिन करवा माता की पूजा का विशेष महत्व है. करवा चौथ का व्रत बिना व्रत कथा के अधूरा माना जाता. इसलिए करवा चौथ की पूजा के बाद पढ़ें ये व्रत कथा..

करवा चौथ (Karva Chauth) व्रत कथा

प्राचीन समय की बात है इंद्रप्रस्थ नाम के एक नगर में वेद शर्मा नामक एक ब्राह्मण रहता था. उसकी पत्नी का नाम लीलावती था. उसके सात पुत्र और वीरावती नामक एक पुत्री थी. युवा होने पर वीरावती का विवाह करा दिया गया. इसके बाद जब कार्तिक कृष्ण चतुर्थी आई तो वीरावती ने अपनी भाभियों के साथ करवा चौथ का व्रत रखा, लेकिन भूख-प्यास से वह चंद्रोदय के पूर्व ही बेहोश हो गई. बहन को बेहोश देखकर सातों भाई परेशान हो गए.

इसे भी पढ़ें: Karva Chauth 2019: इस तारीख को है करवा चौथ, अभी से कर लें तैयारी पत्नी के गिफ्ट की

सभी भाइयों ने बहन के लिए पेड़ के पीछे से जलती मशाल का उजाला दिखाकर बहन को होश में लाकर चंद्रोदय निकलने की सूचना दी. वीरावती ने भाइयों की बात मानकर विधिपूर्वक अर्घ्य दिया और भोजन कर लिया. ऐसा करने से कुछ समय बाद ही उसके पति की मृत्यु हो गई.

अपने पति के मृत्यु के बाद वीरावती ने दुखी होकर अन्न-जल का त्याग कर दिया. उसी रात को इंद्राणी पृथ्वी पर आई. ब्राह्मण पुत्री ने उनसे अपने दुख का कारण पूछा. इंद्राणी ने बताया कि तुमने अपने पिता के घर पर करवा चौथ का व्रत किया था, लेकिन वास्तविक चंद्रोदय के होने से पहले ही अर्घ्य देकर भोजन कर लिया, इसीलिए तुम्हारा पति मर गया.

इसे भी पढ़ें: Karva Chauth 2019: इस करवाचौथ इन टिप्स की मदद से करें मेकअप, बदल जाएगा लुक
Loading...

अब उसे पुनर्जीवित करने के लिए विधिपूर्वक करवा चौथ का व्रत करो. मैं उस व्रत के ही पुण्य प्रभाव से तुम्हारे पति को जीवित करूंगी. वीरावती ने बारह मास की चौथ सहित करवाचौथ का व्रत पूर्ण विधि-विधानानुसार किया. इससे प्रसन्न होकर इंद्राणी ने उसके पति को जीवनदान दिया.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कल्चर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 17, 2019, 6:17 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...