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Karwa Chauth 2021: दिल्ली-NCR में बारिश से बिगड़ा करवा चौथ, ऐसे पूजा कर व्रत तोड़ सकती हैं महिलाएं

Karwa Chauth 2021: दिल्ली-NCR में बारिश से बिगड़ा करवा चौथ, ऐसे पूजा कर व्रत तोड़ सकती हैं महिलाएं

मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत तभी पूरा होता है जब चांद के दर्शन हो.

मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत तभी पूरा होता है जब चांद के दर्शन हो.

Karwa Chauth 2021: देश के कई इलाकों में चांद दिखने के बाद करवा चौथ व्रत का समापन हो चुका है. दिल्ली एनसीआर में बारिश की वजह से चांद नहीं दिखा हैं. ऐसे में इस तरह महिलाएं अपना व्रत तोड़ सकती हैं.

    Karwa Chauth 2021: इस साल करवा चौथ (Karwa Chauth) का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया गया है. विवाहित महिलाएं इस खास पर्व को मनाने के लिए कई दिनों पहले से तैयारियां करने लगती हैं. देश के कई इलाकों में जहां चंद्रमा ने दर्शन दे दिए हैं, वहीं दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR Weather) में मौसम ने अचानक करवट बदलते हुए करवाचौथ के रंग को बदरंग कर दिया है. बारिश की वजह से चांद समय पर नज़र नहीं आया. इसके चलते महिलाओं को व्रत तोड़ने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है. बता दें कि करवा चौथ व्रत के अनुसार अपने पति की लंबी उम्र की कामना करने वाली महिलाएं दिनभर भूखी प्यासी रहकर उपवास करती हैं और करवा चौथ का चंद्रमा (Karwa Chauth Moon) दिखने के बाद ही व्रत खोलती हैं.
    दिल्ली एनसीआर में चंद्रोदय न होने की वजह से व्रत करने वाली महिलाएं अपना व्रत नहीं तोड़ पाई हैं. हालांकि अगर मौसम खराब होने की वजह से चंद्रोदय न होने की सूरत में भी विधि-विधान से करवाचौथ का व्रत खोला जा सकता है और इस व्रत का पूरा पुण्य लाभ भी मिलता है.

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    इस तरह खोला जा सकता है व्रत
    करवा चौथ के दिन चंद्रमा का कितना महत्व होता है यह व्रत करने वाली विवाहित महिलाएं ही बता सकती हैं. पंड़ितों के अनुसार इस साल चंद्रोदय का समय 08 बजकर 07 मिनट है. दिल्ली एनसीआर में बारिश की वजह से चंद्रमा के दिखने की संभावनाएं काफी क्षीण हो गई हैं. आप अगर दिल्ली में रहते हैं या देश के ऐसे इलाके में निवास करते हैं जहां पर खराब मौसम की वजह से करवा चौथ का चंद्रमा नहीं देख पा रही हैं तो परेशान न हों.
    खराब मौसम की वजह से चंद्रोदय नहीं होता है तो ऐसे में व्रत करने वाली महिलाएं बिना चंद्रमा के उदय के भी अपना व्रत खोल सकती हैं. पंडित एवं ज्योतिषाचार्य कमलेश जोशी बताते हैं कि चंद्रोदय का समय निकलने के बाद व्रत करने वाली महिलाएं विधि-विधान से चंद्र देवता की पूजा कर सकती हैं. ये पूजा भगवान को मान्य होती है क्योंकि व्रत का समय पूरा हो चुका है.

    भगवान भोलेनाथ की करें पूजा
    करवाचौथ के व्रत का संपूर्ण लाभ लेने के लिए चंद्रोदय के नियत समय के बाद पूजन करना चाहिए. इसके बाद प्रथम आराध्य भगवान गणेश और भगवान भोलेनाथ की पूजा भी अनिवार्य होती हैं. भगवान भोलेनाथ ने चंद्रमा को अपने शीश पर धारण किया हुआ है. उनका एक नाम चंद्रेश्वर भी है. उन्हें चंद्रशेखर के नाम से भी जाना जाता है. ऐसे में अगर भगवान भोले की पूजा की जाए तो करवाचौथ का संपूर्ण फल मिल जाता है.

    Tags: Religion

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