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Karwa Chauth 2021: खराब मौसम की वजह से चांद नहीं दिखा तो न घबराएं, जानें पंडितों से व्रत खोलने का तरीका

Karwa Chauth 2021: खराब मौसम की वजह से चांद नहीं दिखा तो न घबराएं, जानें पंडितों से व्रत खोलने का तरीका

करवा चौथ पर चांद न दिखे तो घबराएं नहीं. इस तरह खोलें अपना व्रत.

करवा चौथ पर चांद न दिखे तो घबराएं नहीं. इस तरह खोलें अपना व्रत.

Karwa Chauth 2021: करवा चौथ का दिन महिलाओं के लिए बेहद खास है, सभी को चांद दिखने का इंतजार रहता है. अगर चांद न दिखे तो इस तरह व्रत खोला जा सकता है.

    Karwa Chauth 2021: करवा चौथ (Karwa Chauth) पर हर विवाहित महिला को चांद दिखने का इंतजार होता है. चांद देखकर ही करवा चौथ का व्रत पूरा किया जाता है. इस बार चंद्रोदय (Chandrodaya) का समय रात 08 बजकर 07 मिनट है. अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए यह व्रत किया जाता है. हालांकि देश के कई इलाकों में इस बार मौसम ने अचानक करवट बदल ली है. दिल्ली एनसीआर सहित कई इलाकों में बारिश का दौर चल रहा है तो वहीं कई जगहों पर बादलों की वजह से चांद दिखाई नहीं दे रहा है. मौसम खराब होने की वजह से जहां चांद (Chand) दिखाई नहीं दे रहा या फिर उसके दिखाई देने का वक्त अनिश्चित हो गया है. ऐसी जगह पर दिनभर से बिना खाए पिए व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए ये चिंता का विषय हो गया है कि आखिर चांद न दिखने पर व्रत कैसे खोला जाए?
    चांद न दिखने पर व्रत खोलने को लेकर कई महिलाओं के मन में कई सवाल होंगे. इसिलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि चांद न दिखने की सूरत में आखिर क्या किया जाए जिससे की व्रत को पूरा मान लिया जाए. करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत पूरा होने के लिए चांद को देखना जरूरी होता है, लेकिन कई बार ये स्थिति बनती है कि चांद मौसम खराब होने की वजह से नहीं दिख पाता है. ऐसे में धार्मिक और ज्योतिष के हिसाब से जानें की व्रत खोलने का क्या सही तरीका है और किस तरह से आपको इस व्रत का पूरा पुण्य मिल सकता है.

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    चांद न दिखने पर ऐसे खोले व्रत
    करवा चौथ व्रत के दिन चांद का इंतजार करती महिलाओं के लिए सबसे बड़ी बेसब्री चांद के उदय होने को लेकर होती है. इस बार देश के कई इलाकों में मौसम बदलने के बाद चांद दिखने की संभावनाएं कम हो गई हैं. अगर चांद न दिखे तो आखिर क्या करें. इसे लेकर पंडितों और ज्योतिषियों के अपने विचार हैं. पंडित एवं ज्योतिषाचार्य कमलेश जोशी के अनुसार इस वर्ष चंद्रोदय के उदय होने का समय रात 08 बजकर 07 मिनट है. अगर खराब मौसम की वजह से चंद्रोदय नहीं होता है तो ऐसे में व्रत करने वाली महिलाओं को चिंता करने की जरुरत नहीं है. चंद्रोदय का समय निकलने के बाद व्रत करने वाली महिलाएं विधि-विधान से चंद्र देवता की पूजा कर सकती हैं. ये पूजा भगवान को मान्य होती है क्योंकि व्रत का समय पूरा हो चुका है.

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    पंडित जोशी आगे कहते हैं कि महिलाओं को सबसे पहले चंद्र देवता की पूजा करनी चाहिए. उसके बाद प्रथम आराध्य भगवान गणेश का पूजन अनिवार्य है. भगवान गणेश की उपासना के बाद भगवान शिवजी की पूजा भी आवश्यक है. भगवान शिव को चंद्रेश्वर भी कहते हैं. वे चंद्रमा को अपने शीश पर धारण किए हुए हैं. भोलेनाथ की पुजा से करवा चौथ के उपवास का पूरा फल व्रत करने वाली महिलाओं को मिल जाता है. इसके बाद आप जल ग्रहण कर उपवास को खोल सकती हैं.

    अगर आपके इलाके में भी खराब मौसम की वजह से चांद नहीं दिख रहा है और आप इंतजार करते-करते थक गईं हैं तो उक्त विधि-विधान से चंद्र देवता, भगवान गणेश और शिवजी की पूजा करें और करवाचौथ व्रत का समापन करें.

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