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कल है अक्षय तृतीया, जानें इस शुभ तिथि से जुड़ी 7 विशेष बातें

कल है अक्षय तृतीया, जानें इस शुभ तिथि से जुड़ी 7 विशेष बातें

अक्षय तृतीया अपने नाम के अनुरूप ही शुभ फल प्रदान करने वाली तिथि है.

अक्षय तृतीया अपने नाम के अनुरूप ही शुभ फल प्रदान करने वाली तिथि है.

अक्षय तृतीया का फल अक्षय यानी कि कभी न मिटने वाला होता है. अक्षय तृतीया पर दान पुण्य का भी अत्यंत महत्व है. इस दिन किए गए दान का कई गुना फल प्राप्त होता है. इस बार अक्षय तृतीया 3 मई 2022 को मनाई जाएगी. मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया पर कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है.

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सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का महत्व (Akshaya Tritiya) बहुत ज्यादा है. इस तिथि के लिए किसी अच्छे मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती. इस साल अक्षय तृतीया 3 मई को है. अक्षय तृतीया अपने नाम के अनुरूप ही शुभ फल प्रदान करने वाली तिथि है. ये हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है. स्वयं सिद्ध तिथि पर सारे मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, उद्योग का आरंभ करना अत्यंत शुभ फलदाई माना जाता है.

भोपाल निवासी पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार अक्षय तृतीया के अवसर पर सूर्य व चंद्रमा अपनी उच्च राशि में रहते हैं. आइए जानते हैं अक्षय तृतीया से जुड़ी 7 विशेष बातें.

1. मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया शुभ कामों के लिए सबसे अच्छे दिनों में से एक मानी जाती है. यह दिन सबके जीवन में सफलता लाता है. इसलिए इस दिन नया वाहन लेना, गृह प्रवेश करना या आभूषण खरीदना जैसे काम किए जाते हैं. नई ज़मीन खरीदना, शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना, नया बिजनेस शुरू करना भी अक्षय तृतीया के दिन अत्यंत लाभकारी होता है.

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2. मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी काम किए जाते हैं उसमें बरकत बनी रहती है. अक्षय तृतीया पर अच्छा काम करने का फल कभी समाप्त नहीं होता. वहीं इसके विपरीत जो व्यक्ति इस दिन कुकर्म करता है उसका परिणाम भी उसे कई गुना बढ़कर भुगतना पड़ता है.

3. अक्षय तृतीया पर खरीदारी करने का महत्व आज के परिवेश ने पूरी तरह बदल कर रख दिया है. वास्तव में इस दिन का महत्व खरीदारी करने का नहीं है बल्कि आपके द्वारा संचित किया गया धन वस्तु की खरीदारी में लगाने का है.

4. मान्यता के अनुसार कलयुग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. इस दिन दान भी करना चाहिए. ऐसा करने से अगले जन्म में निश्चित रूप से समृद्धि, ऐश्वर्य व सुख की प्राप्ति होती है.

5. दुर्भाग्य को सौभाग्य के रूप में परिवर्तित करने के लिए अक्षय तृतीया का दिन सर्वश्रेष्ठ है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से दान को ऊर्जा के रूपांतरण से जोड़कर देखा जाता है.

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6. अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के चरणों से मां गंगा अवतरित हुईं थी. सतयुग, द्वापर व त्रेतायुग का आरंभ इसी दिन से माना जाता है.

7. अक्षय तृतीया के दिन चारों धाम में से एक भगवान बद्रीनाथ के पट खुल जाते हैं. इस दिन वृंदावन में श्री बिहारी के चरणों के दर्शन साल में एक बार ही होते हैं. मत्स्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन अक्षत पुष्प दीप से भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए इससे उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है.

Tags: Akshaya Tritiya, Dharma Aastha, Lord vishnu, Religion

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