जानें कैसे हुए नंदी भगवान श‍िव के इतने प्रिय, पढ़ें ये कथा

नंदी पर सवार भगवान शिव.
नंदी पर सवार भगवान शिव.

भगवान शिव (Lord Shiva) की मूर्ति के सामने या उनके मंदिर के बाहर शिव के वाहन नंदी (Nandi) की मूर्ति स्थापित होती है. नंदी को महादेव का सबसे प्रिय गण माना जाता है.

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  • Last Updated: September 28, 2020, 7:32 AM IST
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सोमवार (Monday) का दिन भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित है. ऐसे में कहा जाता है कि अगर सोमवार को भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा की जाए तो सारे कष्टों (Pains) से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामना पूरी होती है. शिव सदा अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव को खुश करने के लिए सोमवार को सुबह उठकर स्नान करके भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए. भगवान श‍िव की पूजा उनके वाहन नंदी को पूजे बिना अधूरी मानी जाती है. शिव की मूर्ति के सामने या उनके मंदिर के बाहर शिव के वाहन नंदी की मूर्ति स्थापित होती है. नंदी को महादेव का सबसे प्रिय गण माना जाता है. जानें कैसे हुए नंदी भगवान श‍िव के इतने प्रिय.

पुराणों के अनुसार, एक महान ऋषि शिलाद थे. वह ब्रह्मचारी थे लेकिन उनको यह भय सताने लगा कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनका पूरा वंश समाप्त हो जाएगा. संतान की कामना के साथ उन्‍होंने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी आराधना शुरू की. उनके कठोर तप से प्रसन्‍न होकर श‍िव ने उनको पुत्र प्राप्‍त‍ि का आशीर्वाद द‍िया.

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अगले ही दिन खेतों में उन्हें एक खूबसूरत नवजात शिशु मिला. शिलाद ऋषि उस बच्चे को लेकर अपने आश्रम लौट आए और उसका लालन पालन करने लगे. कुछ साल बाद उनके आश्रम में दो संत आए।. जाते समय उन्‍होंने श‍िलाद ऋषि को बताया क‍ि नंदी अल्पायु है. यह जानकर नंदी ने भगवान श‍िव की आराधना शुरू की और वरदान में महादेव से उनका सानिध्‍य मांगा. इस पर भगवान श‍िव ने उनको बैल का चेहरा देकर उनको अपने गण व वाहन के रूप में स्‍वीकार कर लिया.
बताया जाता है कि असुरों और देवताओं के बीच क्षीर सागर में समुद्र मंथन के दौरान विष निकला था, नंदी ने भी स्‍वामीभक्‍त‍ि में उसे पिया था. इसके बाद से श‍िव ने उनको अपने सबसे बड़े भक्‍त का दर्जा द‍िया था. शिव और नंदी के बीच इसी संबंध की वजह से शिव की मूर्ति के साथ नंदी की प्रतिमा भी स्थापित की जाती है. ऐसा माना जाता है कि शिव तो हमेशा ध्यान में लीन होते हैं, वह हमेशा समाधि में रहते हैं इसलिए उनके भक्तों की आवाज उन तक नंदी ही पहुंचाते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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