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    जानें कौन थे हनुमान जी के 5 भाई, ये है उनका पूरा पर‍िवार

    हनुमान जी राम भक्त हैं और उनकी शरण में जाने मात्र से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं.
    हनुमान जी राम भक्त हैं और उनकी शरण में जाने मात्र से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं.

    ब्रह्मांडपुराण में हनुमान जी (Hanuman Ji) के पिता केसरी और उनके पुत्रों के बारे में बताया गया है. इसमें वानर राज केसरी के कुल 6 पुत्र बताए गए हैं और अपने भाइयों में बजरंगबली को ज्‍येष्‍ठ बताया गया है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: September 22, 2020, 8:17 AM IST
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    हनुमान जी (Hanuman Ji) अपने भक्तों पर आने वाले तमाम तरह के कष्टों (Pains) और परेशानियों (Problems) को दूर करते हैं. ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान (Lord Hanuman) बहुत जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं. उनकी पूजा पाठ में ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होती. शायद यही वजह है कि आज के समय में हनुमान जी के भक्तों की संख्या भी बहुत अधिक हो गई है. हनुमान जी राम भक्त हैं और उनकी शरण में जाने मात्र से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं. हनुमान जी को राम भक्‍त बताते हुए उनके बारे में रामायण, श्रीरामचरितमानस, महाभारत समेत कई हिंदू धर्म ग्रंथों में मिलती है लेकिन ब्रह्मांडपुराण नाम के ग्रंथ में उनके बारे में कुछ बातें बताई गई हैं जिनका उल्‍लेख दूसरी जगहों पर नहीं मिलता है. खासतौर पर इसमें उनके परिवार के बारे में बताया गया है.

    ब्रह्मांडपुराण में हनुमान जी के पिता केसरी और उनके पुत्रों के बारे में बताया गया है. इसमें वानर राज केसरी के कुल 6 पुत्र बताए गए हैं और अपने भाइयों में बजरंगबली को ज्‍येष्‍ठ बताया गया है. केसरीनंदन के पांच भाइयों के नाम इस तरह हैं- मतिमान, श्रुतिमान, केतुमान, गतिमान और धृतिमान. इन सभी की संतानों का उल्‍लेख भी इस ग्रंथ में क‍िया गया है. महाभारत काल में पांडु पुत्र व बलशाली भीम को भी हनुमान जी का ही भ्राता कहा गया है. वहीं इस ग्रंथ में हनुमान जी के पुत्र का वर्णन भी है जिसका नाम मकरध्वज बताया गया है.

    हनुमान जी (Hanuman Ji) अपने भक्तों पर आने वाले तमाम तरह के कष्टों (Pains) और परेशानियों (Problems) को दूर करते हैं. ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान (Lord Hanuman) बहुत जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं. उनकी पूजा पाठ में ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होती. शायद यही वजह है कि आज के समय में हनुमान जी के भक्तों की संख्या भी बहुत अधिक हो गई है. हनुमान जी राम भक्त हैं और उनकी शरण में जाने मात्र से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं.



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    हनुमान जी की पूजा विधि

    -अगर प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी का सिंदूर से पूजन किया जाए तो समस्त दुखों से मुक्ति मिलती है.

    -हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा में सावधानी बहुत जरूरी है. कहते हैं कि अगर मंगलवार को सुबह बरगद के पेड़ के एक पत्ते को तोड़कर गंगा जल से धो कर हनुमान जी को अर्पित करें तो धन की आवक बढ़ती है. आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है.

    -मान्यता है कि अगर मंगलवार को पान का बीड़ा नियम से चढ़ाया जाए तो रोजगार के रास्ते खुलते हैं. नौकरीपेशा को प्रमोशन के अवसर मिलते हैं.

    -मंगलवार को शाम के समय हनुमान जी को केवड़े का इत्र और गुलाब की माला चढ़ाएं और कोशिश करें कि खुद लाल रंग के वस्त्र पहनें. धन के लिए हनुमान जी को प्रसन्न करने का यह सबसे सरल उपाय है.

    -मंगलवार के दिन शाम को व्रत करके बूंदी के लड्डू या बूंदी का प्रसाद बांटें. मान्यता है कि इससे संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं.

    -इस दिन हनुमान जी के पैरों में फिटकरी रखने से बुरे सपनों से पीछा छूट जाता है.

    -हनुमान जी के मंदिर में जाकर रामरक्षास्त्रोत का पाठ करने से सारे बिगड़े काम संवर जाते हैं. अटके कामों की बाधा दूर होती है. कर्ज से भी मुक्ति मिलती है.

    -मंगलवार के दिन हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष बैठ राम नाम का 108 बार जाप करें, क्योंकि हनुमान जी रामजी के अनन्य भक्त हैं. इसलिए जो भी श्रीराम की भक्ति करता है, उन्हें वह पहले वरदान देते हैं. कहते हैं कि हनुमान जी इस उपाय से प्रसन्न होकर विवाह संबंधी मनोकामना पूरी करते हैं.

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    -मंगलवार के दिन हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दिया जलाएं और चालीसा का पाठ करें. यह उपाय दांपत्य जीवन में सरसता लाता है.

    -ॐ हं हनुमंतये नम: मंत्र का जाप करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं. ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट का रुद्राक्ष की माला से जाप करने से भी हनुमान जी बहुत प्रसन्न होते हैं. संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा के उच्चारण से सभी बुरी शक्तियां दूर भाग जाती हैं. आरोग्य का वरदान मिलता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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