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Lalita Panchami 2022: कब है ललिता पंचमी व्रत? इससे सभी सुखों की होती है प्राप्ति, जानें पूजा मुहूर्त

ललिता पंचमी व्रत के दिन मां ललिता या त्रिपुर सुंदरी देवी का पूजन करते हैं. ललिता पंचमी व्रत के दिन मां ललिता या त्रिपुर सुंदरी देवी का पूजन करते हैं.

ललिता पंचमी व्रत के दिन मां ललिता या त्रिपुर सुंदरी देवी का पूजन करते हैं. ललिता पंचमी व्रत के दिन मां ललिता या त्रिपुर सुंदरी देवी का पूजन करते हैं.

ललिता पंचमी व्रत (Lalita Panchami Vrat) आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत को गुजरात और महा ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

इस साल ललिता पंचमी व्रत के दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं.
यह व्रत करने से समस्त प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है.

ललिता पंचमी व्रत (Lalita Panchami Vrat) शारदीय नवरात्रि में पंचमी तिथि को रखा जाता है. यह व्रत उपांग ललिता व्रत के नाम से लोकप्रिय है. इस व्रत को गुजरात और महाराष्ट्र में विशेष रूप से रखा जाता है. इस दिन मां ललिता या त्रिपुर सुंदरी देवी का पूजन करते हैं. मां त्रिपुर सुंदरी दस महाविद्याओं में से एक हैं. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी बता रहे हैं ललिता पंचमी व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व के बारे में.

ललिता पंचमी व्रत 2022 तिथि
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 29 सितंबर को देर रात 12 बजकर 08 मिनट पर प्रारंभ हो रही है और यह तिथि 30 सितंबर को रात 10 बजकर 34 मिनट तक मान्य रहेगी. उदयातिथि के आधार पर इस साल ललिता पंचमी व्रत 30 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा.

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तीन शुभ योगों में है ललिता पंचमी व्रत
इस साल ललिता पंचमी व्रत के दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं. 30 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः 06 बजकर 13 मिनट से अगले दिन सुबह 04 बजकर 19 मिनट तक है. यह योग आपके सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए उत्तम है.

इसके अलावा व्रत के दिन प्रातःकाल से लेकर रात 10 बजकर 34 मिनट तक प्रीति योग है. उसके बाद से आयुष्मान योग प्रारंभ हो जाएगा. प्रीति और आयुष्मान दोनों ही योग शुभ कार्यों के लिए अच्छे माने जाते हैं.

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पंचमी तिथि को रवि योग भी लग रहा है, लेकिन यह अगली सुबह 01 अक्टूबर को प्रातः 04 बजकर 19 मिनट से सुबह 06 बजकर 14 मिनट तक है.

ललिता पंचमी व्रत का महत्व
यह व्रत करने से समस्त प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है.
इस व्रत को करने से संतान की भी प्राप्ति होती है.
संतान की सुरक्षा के लिए भी ललिता पंचमी व्रत रखा जाता है.
धन-संपत्ति की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत किया जाता है.

Tags: Dharma Aastha, Navratri

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