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Lord Vishnu Mantra: गुरुवार को विष्णु जी के इन मंत्रों का करें जाप, दूर होंगे सारे कष्ट

Lord Vishnu Mantra: गुरुवार को विष्णु जी के इन मंत्रों का करें जाप, दूर होंगे सारे कष्ट

भगवान विष्णु की कृपा से मिलता है मोक्ष.

भगवान विष्णु की कृपा से मिलता है मोक्ष.

Lord Vishnu Mantra: अगर कोई व्यक्ति गुरुवार का व्रत रखकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करता है तो उसके जीवन में खुशहाली का वास हो जाता है. सारे कष्ट दूर होकर सुख एवं शांति प्राप्त होती है. विष्णु भगवान के पूजन में उनके गलतियों की क्षमा मांगने पर जाने-अनजाने में किए गए पाप भी क्षमा हो जाते हैं.

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    Lord Vishnu Mantra: जीवन में ईश्वर भक्ति के बिना सफलता नहीं मिल पाती है. जब जीवन कष्टों से घिर जाता है उस वक्त हम सबसे ज्यादा ईश्वर को ही याद करते हैं. अपने जीवन के कष्ट दूर करना है तो गुरुवार को भगवान विष्णु का विधि विधान से पूजन अर्चन और उनके मंत्रो का जाप फलदायी माना गया है. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. यह दिन देवी-देवताओं के गुरु बृहस्पति का भी माना गया है. गुरुवार का व्रत कर भगवान विष्णु का पूजन शुभ फलदायी होने के साथ ही जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला होता है. विष्णु जी की कृपा से जीवन में लंबे वक्त से चली आ रही बाधाएं भी दूर हो जाती हैं.

    अगर कोई व्यक्ति गुरुवार का व्रत रखकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करता है तो उसके जीवन में खुशहाली का वास हो जाता है. सारे कष्ट दूर होकर सुख एवं शांति प्राप्त होती है. विष्णु भगवान के पूजन में उनके गलतियों की क्षमा मांगने पर जाने-अनजाने में किए गए पाप भी क्षमा हो जाते हैं. अगर कोई भी व्यक्ति सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा, भजन, स्मरण या मंत्र का जाप करता है तो उसे भगवान को प्रसन्न करने में जल्द सफलता मिल जाती है.

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    -ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

    -ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः

    -ॐ नमो नारायणाय

    -ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
    श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
    ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
    ॐ हूं विष्णवे नम:

    -ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
    ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।

    -शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
    विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।
    लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
    वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

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    -ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान।
    यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।

    -या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
    या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥
    या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
    सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती॥

    -श्रियमुनिन्द्रपद्माक्षीं विष्णुवक्षःस्थलस्थिताम्॥(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Lord vishnu, Religion

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