Lord Vishnu Puja: गुरुवार को करें विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ, कष्टों से मिलेगी मुक्ति

भगवान विष्णु जगत के पालनहार कहलाते हैं.

Lord Vishnu Puja: सृष्टि के पालनहार विष्णु भगवान की पूजा के लिए गुरुवार(Thursday) का दिन काफी अच्छा माना जाता है. ऐसे में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यंत फलदायक है.

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    Lord Vishnu Puja: हिंदू धर्म में गुरुवार (Thursday) के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. कहते हैं सच्चे मन से उनकी पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं भगवान विष्णु जरूर पूरा करते हैं. हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है. भगवान विष्णु जगत के पालनहार कहलाते हैं. मान्यता है कि गुरुवार के दिन अगर भक्त विष्णु जी की विधिवत पूजा करते हैं और गुरुवार के उपायों को आजमाते हैं तो उनके जीवन में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं रहती है. इस दिन की गई पूजा से आप भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के साथ ही देवग्रह गुरु को भी प्रसन्न कर सकते हैं.

    सृष्टि के पालनहार विष्णु भगवान की पूजा के लिए गुरुवार का दिन काफी अच्छा माना जाता है. ऐसे में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यंत फलदायक है. विष्णु सहस्त्रनाम में भगवान विष्णु के एक हजार नाम दिए गए हैं. यदि आपकी कुंडली में बृहस्पति नीच राशि में हो, या बहुत कमजोर हो तो आपको विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करना चाहिए. आइए आपको बताते हैं इसके बारे में.

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    भीष्म पितामह ने बताई थी इसकी महिमा
    माना जाता है कि महाभारत के समय में जब भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटकर अपनी मृत्यु के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे, तब युधिष्ठिर ने उनसे ज्ञान पाने की इच्छा जाहिर की. युधिष्ठिर ने पूछा कि ऐसा कौन है जो सभी जगह व्याप्त है और जिसे सर्वशक्तिशाली माना जाए, जो हमें इस भवसागर से पार करा सके. इसका जवाब देते हुए भीष्म पितामह ने उनके समक्ष विष्णु सहस्त्रनाम का वर्णन किया था.

    विष्णु सहस्त्रनाम का महत्व
    इसका महत्व समझाते हुए भीष्म पितामह ने कहा था कि विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ युगों-युगों तक फलदायी सिद्ध होगा. जो भी इसे नियमित रूप से पढ़ेगा या सुनेगा, उसके हर तरह के कष्ट दूर हो जाएंगे. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने वालों पर दुर्भाग्य, खतरों, काला जादू, दुर्घटनाओं और बुरी नजर का असर नहीं होता.

    ऐसे करें पाठ
    सुबह जल्दी स्नानादि से निवृत्त होने के बाद पीले वस्त्र पहनें. भगवान विष्णु को पीले पुष्प, चंदन, पीले अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें. इसके बाद उन्हें गुड़ और चने का भोग लगाएं. फिर उनके समक्ष बैठकर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. विष्णु सहस्त्रनाम में भगवान विष्णु को शिव, शंभु और रुद्र जैसे नामों से भी पुकारा गया है, जो ये स्पष्ट करता है कि शिव और विष्णु वास्तव में एक ही हैं.

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    ये मंत्र भी दे सकता है विष्णु सहस्त्रनाम का फल
    अगर आपके पास समय का अभाव है, या आप नियमित तौर पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ नहीं कर सकते तो आप यहां बताए जा रहे मंत्र का नियमित जाप कर सकते हैं. ये मंत्र भगवान विष्णु के सहस्त्र नाम का फल देने वाला माना जाता है-

    नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे,
    सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नमः(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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