• Home
  • »
  • News
  • »
  • dharm
  • »
  • Lunar Eclipse 2020 Katha: चंद्रमा के शत्रु हैं राहू-केतु, पढ़ें चंद्र ग्रहण की पौराणिक कथा

Lunar Eclipse 2020 Katha: चंद्रमा के शत्रु हैं राहू-केतु, पढ़ें चंद्र ग्रहण की पौराणिक कथा

Last lunar eclipse of 2020 :चंद्र ग्रहण की पौराणिक कथा पढ़ें (प्रतीकात्मक इमेज)

Lunar Eclipse 2020 Katha:राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को ग्रस लेते हैं. इसलिए चंद्रग्रहण होता है...

  • Share this:
    Lunar Eclipse 2020: आज रात्रि 30 नवंबर को साल 2020 का आखिरी चंद्रगहण (Lunar Eclipse) लगेगा. यह एक पेनुब्रल (Penumbral) ग्रहण होगा. इसमें सूर्य (Sun) से चंद्रमा (Moon) पर सीधी जाने वाली रोशनी (Light) के कुछ हिस्से को पृथ्वी (Earth) की बाहरी परछाई रोकती है. भारतीय समय के अनुसार, साल का आखिरी चंद्रग्रहण दोपहर 1.04 बजे से शुरू होकर शाम 5.22 बजे तक रहेगा. इस दिन कार्तिक पूर्णिमा है इसलिए इसे देश के कई हिस्सों में नहीं देखा जा सकेगा. ज्योतिषविदो का कहना है कि उपच्छाया ग्रहण लगने के चलते सूतककाल मान्य नहीं होगा. ऐसे में भारत में लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा. क्या आप जानते हैं चंद्र ग्रहण की कथा, यहां पढ़ें चंद्र ग्रहण की पौराणिक कथा...

    Also Read: Chandra Grahan 2020: साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का ऐसा होगा भारत पर असर, यहां देखें LIVE
    पौराणिक कथा के अनुसार, जब समुद्र मंथन के दौरान देवों और दानवों के साथ अमृत पान के लिए विवाद हुआ तो इसको सुलझाने के लिए मोहनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया. जब भगवान विष्णु ने देवताओं और असुरों को अलग-अलग बिठा दिया.

    Also Read: Lunar Eclipse 2020: 30 तारीख को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है बेहद ख़ास, जानें ये रोचक बातें

    लेकिन असुर छल से देवताओं की लाइन में आकर बैठ गए और अमृत पान कर लिया. देवों की लाइन में बैठे चंद्रमा और सूर्य ने राहु को ऐसा करते हुए देख लिया. इस बात की जानकारी उन्होंने भगवान विष्णु को दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया.

    लेकिन राहु ने अमृत पान किया हुआ था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु के नाम से जाना गया. इसी कारण राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को ग्रस लेते हैं. इसलिए चंद्रग्रहण होता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज