Lunar Eclipse 2021 Date: जल्द लगने वाला है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें तिथि और समय

साल के पहले चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा.

साल के पहले चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा.

Lunar Eclipse 2021: साल का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 (बुधवार) को लगने वाला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2021, 6:57 PM IST
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Lunar Eclipse 2021 Date: जल्द ही साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह 26 मई 2021 (बुधवार) के दिन लगने जा रहा है. वहीं, इस साल कुल चार ग्रहण लगने वाले हैं जिसमें दो चंद्र और दो सूर्य ग्रहण होंगे. आइए आपको बताते हैं नवरात्रि के बाद लगने वाले पहले चंद्रग्रहण की तिथि, समय, सूतक काल और पौराणिक कथा के बारे में.

चंद्र ग्रहण 2021 की तिथि

साल का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 (बुधवार) को लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण बुधवार की दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से शुरू हो होगा जो शाम 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. इसकी कुल अवधि 7 घंटे 1 मिनट की होगी. विशेषज्ञों की मानें तो यह एक उपछाया चंद्रग्रहण होगा जो भारत के लोगों को नहीं दिखाई देगा. यही कारण है कि इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होने वाला है.

चंद्र ग्रहण 2021 का समय
चंद्र ग्रहण तिथि: 26 मई 2021 (बुधवार)

चंद्र ग्रहण आरंभ मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से

चंद्र ग्रहण समाप्ति मुहूर्त: शाम 7 बजकर 19 मिनट तक



चंद्र ग्रहण की कुल अवधि: 7 घंटे 1 मिनट की

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क्या होता है सूतक काल

यदि ग्रहण पूर्ण हो तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल मान्य होता है. यह ग्रहण के समय से 9 घंटे पूर्व शुरू हो जाता है. इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है.

क्या है उपछाया चंद्र ग्रहण

जब सूर्य का पूरी तरह से चंद्रमा पर नहीं पड़ता, बीच में धरती का भाग आ जाता है, तो ऐसी अवस्था में सूर्य से पड़ने वाली रोशनी थोड़ी धुंधली हो जाती है. इसे ही उपछाया चंद्रग्रहण कहा जाता है.

भारत में ग्रहण से जुड़ी पौराणिक कथा

कहा जाता है समुद्र मंथन के दौरान सर्वभानु नाम के एक असुर ने छल से अमृत पीने की कोशिश की थी जिसे चंद्रमा और सूर्य ने देख लिया था. उसके इस छल के बारे में जब भगवान विष्णु को पता चला तो उन्होंने क्रोधित होकर उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया. हालांकि अमृत की कुछ बूंदें उसके गले से नीचे उतर चुकी थीं जिससे दो और असुर उत्पन्न हुए, जिनका नाम राहु और केतु पड़ा. अमृत के प्रभाव से ये अमर हो गए और अब चंद्रमा और सूर्य से बदला लेने के फिराक में लगे रहते हैं. मान्यता है कि जब वे पूरी तरह से चंद्रमा और सूर्य को जकड़ लेते हैं तो वातावरण में नकारात्मकता फैल जाती है. जो सभी के लिए हानिकारक होता है. इस दौरान सभी शुभ कार्य की मनाही हो जाती है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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