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जब ज्ञान और धन को लेकर मां लक्ष्मी और सरस्वती में हुई बहस, पढ़ें ये पौराणिक कथा

मां लक्ष्मी को धन की देवी और मां सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा जाता है. Image- Canva

मां लक्ष्मी को धन की देवी और मां सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा जाता है. Image- Canva

कई बार देवी-देवताओं के बीच भी श्रेष्ठता को लेकर चर्चा हुई है, जिसका वर्णन ग्रंथ पुराणों में मिलता है. मां लक्ष्मी और सर ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है.
मां सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा जाता है.
गुणों पर मां लक्ष्मी व सरस्वती में बहस हुई.

हिंदू धर्म में सभी देवताओं का अपना महत्व और कार्य होते हैं. भगवान ब्रह्मा जी को सृष्टि के रचयिता कहा जाता है. भगवान शिव को सृष्टि के पालनहार कहा गया है. श्रीगणेश को प्रथम पूजनीय देव माना गया है. ऐसे में सभी देवी-देवताओं का अपना महत्व और स्थान होता है. लेकिन, कई बार देवी-देवताओं के बीच भी श्रेष्ठता को लेकर चर्चा हुई है, जिसका वर्णन ग्रंथ पुराणों में मिलता है. आज हम आपको मां लक्ष्मी व सरस्वती के बीच अपने गुणों को श्रेष्ठ सिद्ध करने को लेकर हुई बहस का किस्सा सुनाएंगे.

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श्रेष्ठता को लेकर मां लक्ष्मी व सरस्वती में हुई बहस
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार मां सरस्वती वीणा बजा रही थी. उस समय उनके पास धन की देवी मां लक्ष्मी पहुंचीं. मां सरस्वती ने मां लक्ष्मी का आदर-सत्कार किया और पूछा कि बहुत दिनों बाद मिलने आई हो. तब देवी लक्ष्मी ने अपने गुणों का बखान करना शुरू कर दिया. मां लक्ष्मी ने कहा कि वो धन की देवी है और संसार उनकी स्तुति करता है, क्योंकि सभी धनवान होना चाहते हैं, इसलिए वो जल्दी नहीं आ सकती. मां लक्ष्मी ने सरस्वती को यह भी कहा कि आप तो केवल वीणा बजाती रहती हैं. 

मां सरस्वती हुई दुखीं
देवी लक्ष्मी के ऐसे शब्दों से मां सरस्वती बहुत दुःखी हुईं और देवी लक्ष्मी से कहा कि आप धन की देवी हैं, लेकिन आप कभी भी एक जगह नहीं टिकती. इसी कारण संसार आपको चंचला कहता है. आप धन दे सकती हैं, लेकिन ज्ञान नहीं. ज्ञान की कमी के कारण व्यक्ति कभी भी धन का सही उपयोग नहीं करेगा. ज्ञानी व्यक्ति धन के अभाव में भी ज्ञान से धन प्राप्त कर सकता है, लेकिन धन से ज्ञान मिले ये जरूरी नहीं. यह सुनकर देवी लक्ष्मी को क्रोध आया और दोनों देवियों के बीच बहस बढ़ती ही गईं.

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आदिशक्ति ने किया शांत
पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि देवी लक्ष्मी और मां सरस्वती की धन और ज्ञान पर बहस को बढ़ते देख देवताओं ने आदिशक्ति से इसका उपाय पूछा. तब आदिशक्ति ने देवताओं से कहा कि यह बहस कभी खत्म नहीं होगी. धरती पर जब तक जीवन होगा, तब तक धन और ज्ञान में श्रेष्ठता का द्वंद चलता ही रहेगा. धन मिलने से सभी खुश होंगे, लेकिन ज्ञान के अभाव में धन का सदुपयोग नहीं कर पाएंगे. इसलिए ज्ञान भी महत्वपूर्ण है.

Tags: Dharma Culture, Religious

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