Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    Maha Navami 2020: आज से कल सुबह 07:41 तक नवमी, जानें हवन का शुभ मुहूर्त और विधि

    
नवरात्रि 2020 की अष्टमी और महानवमी का संयोग आज है (फाइल फोटो)
    नवरात्रि 2020 की अष्टमी और महानवमी का संयोग आज है (फाइल फोटो)

    महानवमी 2020 (Mhanavmi 2020): महानवमी 2020 24 अक्टूबर दिन शनिवार की दोपहर 11 बजकर 27 मिनट से 25 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक है. इसलिए महानवमी का हवन भी 25 अक्टूबर को किया जा सकता है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 24, 2020, 2:14 PM IST
    • Share this:
    महानवमी 2020 (Mhanavmi 2020): आज 24 अक्टूबर दिन शनिवार को सुबह 6 बजकर 58 मिनट से महानवमी का आरंभ हो चुका है. महानवमी अगले दिन यानी 25 अक्टूबर सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी. महानवमी का हवन 25 अक्टूबर को होगा. नवमी के दिन सुबह हवन के लिए 01 घंटा 13 मिनट है.महानवमी के बाद 25 अक्टूबर को ही विजयदशमी शुरू हो जाएगी.

    Also Read: Durga Ashtami 2020: कामख्या मंदिर है बेहद अद्भुत, देवी का शक्तिपीठ है विश्व प्रसिद्ध

    हवन का शुभ मुहूर्त:
    महानवमी 2020 24 अक्टूबर दिन शनिवार की दोपहर 11 बजकर 27 मिनट से 25 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक है. इसलिए महानवमी का हवन भी 25 अक्टूबर को किया जा सकता है.
    आवश्यक हवन साम्रगी:



    महानवमी 2020 के हवन के लिए हवन कुंड, आम की लकड़ियां, बेल, नीम, पलाश का पौधा, कलीगंज, देवदार की जड़, गूलर की छाल और पत्ती, पापल की छाल और तना, बेर, आम की पत्ती और तना, चंदन का लकड़ी, तिल, कपूर, लौंग, चावल, ब्राह्मी, मुलैठी, अश्वगंधा की जड़, बहेड़ा का फल, हर्रे, घी, शक्कर, जौ, गुगल, लोभान, इलायची, गाय के गोबर से बने उपले, घी, नीरियल, लाल कपड़ा, कलावा, सुपारी, पान, बताशा, पूरी और खीर आदि चाहिए होगा.
    हवन करने का तरीका:
    आटे और हल्दी से चौक पूरें. हवन कुण्ड में समिधा और घी डालकर पवित्र अग्नि प्रज्ज्वलित करें. हवन साम्रगी गंध, धूप, दीप, पुष्प और नैवेद्य आदि अग्नि देव को अर्पित करें. घी मिश्रित हवन सामग्री से या केवल घी से पूर्णाहुति दें.

    हवन की आहुति मंत्र:

    ओम पूर्णमद: पूर्णमिदम् पुर्णात पूण्य मुदच्यते, पुणस्य पूर्णमादाय पूर्णमेल विसिस्यते स्वाहा।

    ओम भूः स्वाहा, इदमगन्ये इदं न मम।

    ओम भुवः स्वाहा, इदं वायवे इदं न मम।

    ओम स्वः स्वाहा, इदं सूर्याय इदं न मम।

    ओम अगन्ये स्वाहा, इदमगन्ये इदं न मम।

    ओम घन्वन्तरये स्वाहा, इदं धन्वन्तरये इदं न मम।

    ओम विश्वेभ्योदेवभ्योः स्वाहा, इदं विश्वेभ्योदेवेभ्योइदं न मम।

    ओम प्रजापतये स्वाहा, इदं प्रजापतये इदं न मम। (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज