Maha Shivratri 2020: महाशिवरात्रि पर शिव को करना है प्रसन्न तो रात को करें यह काम

Maha Shivratri 2020: महाशिवरात्रि पर शिव को करना है प्रसन्न तो रात को करें यह काम
महाशिवरात्रि के दिन देवों के देव महादेव को कुश और जल चढ़ाने से रोग की समाप्ति होती है.

आज पूरे देश में महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2020) का त्योहार मनाया जा रहा है. शिव के मंत्रों, जयकारों से देश के सभी मंदिर गूंज उठे हैं. इस बार महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2020) पर महासिद्धयोग बन रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2020, 9:44 AM IST
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आज पूरे देश में महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2020) का त्योहार मनाया जा रहा है. शिव के मंत्रों, जयकारों से देश के सभी मंदिर गूंज उठे हैं. इस बार महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2020) पर महासिद्धयोग बन रहा है. पंडितों के अनुसार, ऐसा योग 117 साल बाद बन रहा है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन प्रातः काल उठकर स्नान आदि करने के बाद महादेव का पूजन विधि विधान किया जाए तो भगवान प्रसन्न होते हैं.

प्रातःकाल की पूजा के बाद महाशिवरात्रि के दिन रात को एक छोटा सा काम करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है.

रात को करना चाहिए जागरण



शास्त्र में महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2020) के लिए एक श्लोक प्रख्यात है, त्रयोदस्य स्तगे सूर्ये चत तृष्ठेव नादिसो. भूतविद्धा सूयातत्र शिवरात्रि वसंचरेत. वहीं लिंग पुराण में कहा गया है कि प्रदोष व्यापिनी ग्राह्या शिवरात्रो चतुर्दशी. रात्रि जागरणम् यस्मात् तस्माताम् समूपोपयेत. अर्थात शिवरात्रि चतुर्दशी को प्रदोष व्यापिनी होना चाहिए. रात्रि में जागरण किया जाना चाहिए. अत: त्रयोदशी उपरांत चतुर्दशी आवे या रात्रि में चतुर्दशी हो उस दिन महाशिवरात्रि का व्रत-पूजन आदि करना चाहिए.



इस विधि से रोग होंगे दूर

ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन देवों के देव महादेव को कुश और जल चढ़ाने से रोग की समाप्ति होती है. जिन लोगों को लंबे समय से व्यवसाय, नौकरी या किसी भी तरह की आर्थिक परेशानियां है उन्हें महाशिवरात्रि के दिन घी चढ़ाने से लाभ प्राप्त होता है. साथ ही चीनी चढ़ाने से बुद्धि की प्राप्ति होती है.

 

शिव चालीसा (Shiv Chalisa )का करें पाठ

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मन मोहे॥मैना मातु की हवे दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी॥
दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद माहि महिमा तुम गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला। जरत सुरासुर भए विहाला॥
कीन्ही दया तहं करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भए प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
जय जय जय अनन्त अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै। भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। येहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट ते मोहि आन उबारो॥
मात-पिता भ्राता सब होई। संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु मम संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदा हीं। जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। शारद नारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ता पर होत है शम्भु सहाई॥
ॠनियां जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र होन कर इच्छा जोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे॥
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। ताके तन नहीं रहै कलेशा॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्त धाम शिवपुर में पावे॥
कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: February 21, 2020, 8:48 AM IST
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