Mahakumbh Shahi Snan 2021: आज सोमवती अमावस्या पर कुंभ मेले का शाही स्नान, जानें इसका महत्व

कुंभ में स्नान करने से कई प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

कुंभ में स्नान करने से कई प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

Mahakumbh 2021: कुंभ स्नान (Kumbh Snan) से शनि की अशुभता और राहु केतु से बनने वाले दोषों से भी निजात मिलती है. कुंभ में स्नान, दान और पूजा से जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 8:05 AM IST
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MahaKumbh 2021: महाकुंभ-2021 में आज सोमवती अमावस्या का पवित्र शाही स्नान है. हालांकि कोरोना के बढ़ते मामलों क देखते हुए सरकार ने घाटों पर स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कई प्रकार की सख्तियां लागू की हैं. आपको बता दें कि इस साल कुंभ मेला हरिद्वार (Haridwar) में आयोजित किया गया है. इस बार हरिद्वार में कुंभ 12 वर्ष बाद नहीं बल्कि 11 वर्ष बाद लगा है. कुंभ का आयोजन ज्योतिष गणना के आधार पर किया जाता है. लेकिन वर्ष 2022 में बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि में नहीं होंगे. इसलिए इसी वर्ष 11वें साल में कुंभ का आयोजन किया गया है. हरिद्वार में मां गंगा (Maa Ganga) पर श्रद्धालु कुंभ के शाही स्नान के लिए पहुंचते हैं लेकिन इस बार कोरोना के चलते लोगों को कई नियमों का पालन करना पड़ रहा है. आस्था और आध्यात्म का यह विश्व का सबसे बड़ा जमघट है जिसे कुंभ मेले के तौर पर जाना जाता है.

जानें कुंभ मेले के प्रमुख स्नान

कुंभ मेले में 6 प्रमुख स्नान होते हैं. पहला स्नान मकर संक्रांति पर होता है. इसके बाद दूसरा स्नान 11 फरवरी को मौनी अमावस्या की तिथि पर हुआ था. इसके बाद तीसरा स्नान 16 फरवरी को बसंत पंचमी के पर्व पर हुआ था. चौथा स्नान 27 फरवरी को माघ पूर्णिमा की तिथि पर हुआ था. पांचवा स्नान 13 अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को होगा. इस दिन हिन्दी नववर्ष का आरंभ भी होगा. छठा प्रमुख स्नान 21 अप्रैल को राम नवमी पर होगा.

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महाकुंभ का शाही स्नान

महाकुंभ में शाही स्नान का विशेष महत्व है. इस बार कुंभ में कुल 4 शाही स्नान हैं. जो इस प्रकार हैं-

-पहला शाही स्नान, 11 मार्च शिवरात्रि को हुआ था.



-दूसरा शाही स्नान, 12 अप्रैल यानी आज सोमवती अमावस्या के दिन है.

-तीसरा मुख्य शाही स्नान, 14 अप्रैल मेष संक्रांति के दिन होगा.

-चौथा शाही स्नान, 27 अप्रैल बैसाख पूर्णिमा के दिन होगा.

कुंभ स्नान का महत्व

कुंभ में स्नान करने से कई प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. इस बार पहला प्रमुख स्नान मकर संक्रांति के दिन हुआ था. इस दिन 5 ग्रही योग भी बन रहा था जो प्रथम स्नान को और भी अधिक विशेष बना रहा था. इस दिन मकर राशि में सूर्य का प्रवेश हुआ था. मकर राशि में इस दिन सूर्य के साथ गुरु, शनि, बुध और चंद्रमा भी मौजूद रहे थे. कुंभ स्नान से शनि की अशुभता और राहु केतु से बनने वाले दोषों से भी निजात मिलती है. कुंभ में स्नान, दान और पूजा से जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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