Mahamrityunjaya Mantra: सभी कष्टों से मुक्ति दिलाता है 'महामृत्युंजय मंत्र', मन को मिलती है शांति

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप नियमित तौर पर करने से शरीर सभी कष्टों से मुक्त होता है. इसके जाप से बुद्धि, विद्या, यश की प्राप्ति होती है.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप नियमित तौर पर करने से शरीर सभी कष्टों से मुक्त होता है. इसके जाप से बुद्धि, विद्या, यश की प्राप्ति होती है.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप नियमित तौर पर करने से शरीर सभी कष्टों से मुक्त होता है. इसके जाप से बुद्धि, विद्या, यश की प्राप्ति होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2020, 3:24 PM IST
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देवों के देव कहे जाने वाले महादेव को प्रसन्न करना बेहद ही सरल माना जाता है. भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र को सर्वदोष नाशक मंत्र माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप नियमित तौर पर करने से शरीर सभी कष्टों से मुक्त होता है.

इसके जाप से बुद्धि, विद्या, यश की प्राप्ति होती है. मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का जाप करने से पापों से छुटकारा मिलता है और मृत्यु के पश्चात शिवलोक में आत्मा का निवास मिलता है.

कब करें महामृत्युंजय मंत्र जाप



- मान्यताओं के अनुसार, जिस मनुष्य की कुंडली में दोष होता है, ग्रह गोचर, ग्रहों के नीच, शत्रु राशि या किसी पाप ग्रह से पीड़ित होता है उस स्थिति में इस मंत्र का जाप करना चाहिए.
- ऐसा कहा जाता है कि गंभीर रोग और मृत्युतुल्य कष्ट होने की दशा में महामृत्युंजय मंत्र संजीवनी बूटी जैसा काम करता है.

- किसी प्रकार की महामारी में महामृत्युंजय मंत्र कवच की तरह काम कर सकता है.

-जिन लोगों को नियमित तौर पर पूजा पाठ करने के पश्चात भी मन की शांति नहीं मिलती है उन्हें भी महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है.

 

इस मंत्र का जाप करते वक्त बरतें यह सावधानियां

- महामृत्युंजय मंत्र का जाप पूरी स्वच्छता और समर्पण के भाव के साथ करना चाहिए.

- मंत्र का जाप करने से पहले भागवान शिव की प्रतिमा, शिव की मूर्ति,

महामृत्युंजय यंत्र को सामने रखते हुए संकल्प लेना चाहिए.

- संकल्प लेने के पश्चात घी का दीपक जलाएं. महामृत्युंजय मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करनी चाहिए.

- जपमाला को गौमुखी में रखकर जाप करना चाहिए जिससे किसी की नजर उसके ऊपर न पड़े.

- जप जितने दिनों तक चलता रहे उतने दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

- महामृत्युंजय मंत्र के जाप के दौरान सात्विक आहार को ग्रहण करना चाहिए.

-ऐसा कहा जाता है कि नियमित तौर पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से दिमाग को शांति मिलती है. साथ ही शरीर भी सभी प्रकार के रोगों से कष्ट मुक्त होता है.

 
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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