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Maharaja Agrasen Jayanti 2022: आज है महाराजा अग्रसेन जयंती, जानें पूजा समय और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर शुक्ल योग सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक है.

महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर शुक्ल योग सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक है.

हर साल महाराजा अग्रसेन जयंती आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है. जानते हैं महाराजा अग्रसेन जयंती ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

महाराजा अग्रसेन का जन्म उत्सव आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनको माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त थी.

हर साल महाराजा अग्रसेन जयंती (Maharaja Agrasen Jayanti) आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है. इस दिन से शारदीय नवरात्रि का भी प्रारंभ होता है. अग्रवाल समाज के प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन का जन्म उत्सव आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है. वे एक सूर्यवंशी क्षत्रिय थे और उनके पिता का नाम राजा वल्लभ और माता का नाम भगवती देवी था, जो प्रतापनगर के राजा थे. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डाॅ. गणेश मिश्र से जानते हैं महाराजा अग्रसेन जयंती की तिथि और शुभ समय के बारे में.

महाराजा अग्रसेन जयंती 2022
पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर सोमवार को तड़के 03 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ हो रही है. यह तिथि अगले दिन 27 सितंबर मंगलवार को तड़के 03 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, महाराजा अग्रसेन जयंती 26 सितंबर को मनाई जाएगी.

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महाराजा अग्रसेन जयंती 2022 शुभ समय और योग
इस साल महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर शुक्ल योग सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा. इस दिन का शुभ समय 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक है. इस दिन राहुकाल सुबह 07 बजकर 42 मिनट से सुबह 09 बजकर 12 मिनट तक है.

महाराजा अग्रसेन जयंती कैसे मनाते हैं?
महाराजा अग्रसेन जयंती के दिन अग्रवाल और अग्रहरी समाज के लोग महाराजा अग्रसेन की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके बताए रास्ते पर चलने का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा था कि उनके राज्य में कोई बसना चाहता है तो उसे प्रत्येक व्यक्ति की ओर से एक ईंट मकान के लिए और एक मुद्रा व्यापार के लिए देना चाहिए. यह महाराजा अग्रसेन की आज्ञा थी.

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महाराजा अग्रसेन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
1. महाराजा अग्रसेन के राज्य प्रतापगढ़ में जब सूख पड़ा तो उन्होंने अपने तप से भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न किया. तब जाकर सूखा खत्म हुआ और सुख समृद्धि लौट आई.

2. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनको माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त थी. उनको धन वैभव के साथ सिद्धियों की प्राप्ति का भी वरदान प्राप्त था.

3. एक बार उन्होंने यज्ञ का आयोजन कराया, उसमें पशु बलि को देखकर उनका मन दया और करूणा से भर गया. उन्होंने पशु बलि, मांस के सेवन आदि पर रोक लगा दी.

4. उनके राज्य की राजधानी अग्रोहा थी. वे हमेशा ही लोकतांत्रिक व्यवस्था और समानतावाद के पोषक रहे. उनके राज्य में सभी को समान अधिकार प्राप्त था.

Tags: Dharma Aastha, Religion

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