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Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि की पूजा में इन 5 बातों का रखें ध्यान, भगवान शिव को न चढ़ाएं ये चीजें

सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजा (Lord Shiva Puja) में टूटे हुए अक्षत भूलकर भी नहीं चढ़ाने चाहिए. टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है.

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    Mahashivratri 2021: हिन्दू धर्म में हर त्योहार को किसी न किसी अलग रूप में मनाया जाता है. इन्हीं त्योहारों में से एक है महाशिवरात्रि. इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन उत्सव को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. मान्यतानुसार शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन भगवान शिव की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है और साथ ही व्रत उपवास करने का विधान है. इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 11 मार्च 2021 (गुरुवार) को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने से जातकों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. लेकिन भगवान शिव की पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. भगवान शिव को पूजा में ये पांच चीजें भूलकर भी अर्पित न करें.

    -महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा में टूटे हुए अक्षत भूलकर भी नहीं चढ़ाने चाहिए. टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है इसलिए यह शिव जी को नहीं चढ़ाया जाता है. इसलिए पूजा में उपयोग होने वाले अक्षत साबूत होने चाहिए.

    इसे भी पढ़ेंः Mahashivratri 2021: कब है महाशिवरात्रि का त्योहार, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत विधि

    -महाशिवरात्रि पूजा पर भगवान शिव को भूल से भी तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए. तुलसी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है और सभी तरह की पूजा और शुभ कार्यों में इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन तुलसी को भगवान शिव पर चढ़ाना मना है. भगवान शिव को पूजा में बेल पत्र चढ़ाना चाहिए. तुलसी माता का संबंध भगवान विष्णु जी से है.

    -महाशिवरात्रि पर शिव उपासना में शंख का इस्तेमाल वर्जित माना गया है. दरअसल इसके पीछे एक पौराणिक कथा है. भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध किया था, जो भगवान विष्णु का भक्त था. शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है, इसलिए शिवजी की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

    -महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ को कुमकुम नहीं चढ़ाना चाहिए. कुमकुम सौभाग्य का प्रतीक होता है जबकि भगवान शिव वैरागी हैं इसलिए शिव जी को कुमकुम नहीं चढ़ाना चाहिए. साथ ही शिवलिंग पर हल्दी भी न चढ़ाएं.

    इसे भी पढ़ेंः भगवान शिव से जुड़े इन 5 रहस्यों के बारे में नहीं जानते होंगे आप

    -महाशिवरात्रि के दिन शिव आराधना के समय शिवलिंग पर नारियल पानी से अभिषेक नहीं करना चाहिए. नारियल देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है जिनका संबंध भगवान विष्णु से है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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