Mahavir Jayanti 2021: महावीर जयंती क्यों और कैसे मनाते हैं? जानें धार्मिक महत्व

महावीर जयंती के दिन कई जैन मंदिरों में पूजा अर्चना होती है

महावीर जयंती के दिन कई जैन मंदिरों में पूजा अर्चना होती है

Mahavir Jayanti 2021 Why It Celebrate Know Significance- भगवान महावीर ने दुनिया को सत्य, अहिंसा के कई उपदेश दिए. जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) और ब्रह्मचर्य. उन्होंने अनेकांतवाद, स्यादवाद और अपरिग्रह...

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  • Last Updated: April 19, 2021, 3:46 PM IST
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Mahavir Jayanti 2021 Why It Celebrate Know Significance- महावीर जयंती रविवार, 25 अप्रैल को पड़ रही है. जैन समुदाय (Jain Community) के लिए महावीर जयंती ख़ास पर्व है. महावीर जयंती भगवान महावीर के जन्म के उत्सव (God Mahavir Birth Anniversaryके रूप में मनाई जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के 13वें दिन महावीर स्वामी का जन्म बिहार के कुंडग्राम/कुंडलपुर के राज परिवार में हुआ था. भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे. बता दें कि जैन धर्म में तीर्थंकर का अर्थ उन 24 लोगों से है जिन्होंने अपनी तपस्या से आत्मज्ञान की प्राप्ति की. जो भव सागर से पार लगाने वाले तीर्थ की रचना करते है, वह तीर्थंकर कहलाते हैं. तीर्थंकर वह व्यक्ति हैं जिन्होनें अपनी इंद्रियों और भावनाओं पर पूरी तरह से विजय प्राप्त की हो.

भगवान महावीर का जीवन:

भगवान महावीर के बचपन का नाम 'वर्धमान' था. महावीर महाराज सिद्धार्थ और माता का नाम महारानी त्रिशला के पुत्र थे. महावीर स्वामी ने आत्मज्ञान की तलाश में महज़ 30 साल की उम्र में ही अपना राज-पाट, घर-बार सबकुछ छोड़ दिया और जंगल की तरफ निकल गए. वहां उन्होंने दीक्षा ग्रहण की और 12 सालों तक कठोर तप किया. तप के पश्चात ही भगवान महावीर को 'कैवल्य ज्ञान' की प्राप्ति हुई और वो तीर्थंकर कहलाए.

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महावीर जयंती ऐसे मनाते हैं:

महावीर जयंती के दिन कई जैन मंदिरों में पूजा अर्चना होती है, शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं. भगवान महावीर को भोग लगता है. महावीर जयंती के दिन जैन समुदाय के लोग स्वामी महावीर के जन्म की खुशियां मनाते हैं. भगवान महावीर ने भगवान महावीर ने दुनिया को सत्य, अहिंसा के कई उपदेश दिए. जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) और ब्रह्मचर्य. उन्होंने अनेकांतवाद, स्यादवाद और अपरिग्रह जैसे अद्भुत सिद्धान्त दिए. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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