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Mangalsutra Niyam: मंगलसूत्र देवी पार्वती और महादेव का है प्रतीक, महिलाएं पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान

सुहागन महिलाओं के लिए खास होता है मंगलसूत्र.

सुहागन महिलाओं के लिए खास होता है मंगलसूत्र.

हिंदू धर्म में सिंदूर की तरह ही मंगलसूत्र को भी सुहागन महिलाओं का प्रतीक माना जाता है. लेकिन इसके साथ ही मंगलसूत्र का स ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

मंगलसूत्र का सोना देवी पार्वती और काले मोती हैं भगवान शिव का प्रतीक.
मंगलवार के दिन नहीं खरीदना चाहिए मंगलसूत्र, होता है अपशकुन.
एक बार पहनने के बाद बार-बार गले से नहीं उतारना चाहिए मंगलसूत्र.

Mangalsutra Niyam: हिंदू धर्म में मंगलसूत्र का विशेष महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार हर विवाहित महिला को गले में मंगलसूत्र पहनने की सलाह दी जाती है. विवाह के उपरांत पति अपनी पत्नी के गले में मंगलसूत्र पहनाता है. इसके बाद स्त्री जीवनभर इसे गले में पहनती है, इसलिए इसे सुहाग और सुहागन स्त्री की निशानी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंगलसूत्र का संबंध महादेव और देवी पार्वती से भी है. इसके साथ ही मंगलसूत्र में स्वर्ण (सोना) का संबंध देव गुरु बृहस्पति ग्रह से होता है. एक सुहागिन स्त्री चाहे कितना भी साज-श्रृंगार क्यों न कर ले, लेकिन सिंदूर और मंगलसूत्र के बिना उसका श्रृंगार अधूरा लगता है. मंगलसूत्र को लेकर केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि ज्योतिष महत्व भी बताए गए हैं. साथ ही मंगलसूत्र पहनने के नियमों के बारे में भी बताया गया है. दिल्ली के आचार्य गुरमीत सिंह जी से जानते हैं मंगलसूत्र पहनने के नियम और इससे जुड़े महत्व के बारे में.

क्यों जरूरी बताया गया है मंगलसूत्र पहनना
शास्त्रों में विवाहित महिला को मंगलसूत्र जरूर जरूर पहनने की सलाह दी जाती है. इससे वैवाहिक रिश्ते में मजबूती आती है. साथ ही मंगलसूत्र के काले मोतियों से दांपत्य जीवन को किसी की बुरी नजर नहीं लगती है. मां दुर्गा के नौ स्वरूप होते हैं. मंगलसूत्र में 9 मनके होते हैं, जो मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं. मंगलसूत्र के 9 मनके को पृथ्वी, जल, वायु और अग्नि का प्रतीक माना गया है. वहीं मंगलसूत्र के काले मोती से पति और दांपत्य जीवन को बुरी नजर नहीं लगती है.

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महादेव और देवी पार्वती का प्रतीक है मंगलसूत्र
मंगलसूत्र काले मोतियों और सोने से बनी होता है. इसमें काले मोतियों को भगवान शिवजी का रूप माना गया है और सोने का संबंध देवी पार्वती से होता है, इसलिए मंगलसूत्र में सोने के साथ पिरोई गई काली मोतियों को गले में धारण करने से शिवजी और देवी पार्वती का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. मान्यता है कि शिव-पार्वती के शुभ प्रतीक को गले में धारण करने से दांपत्य जीवन मधुर और मजबूत होता है.

क्या है मंगलसूत्र पहनने के नियम

  • मंगलसूत्र को कभी भी मंगलवार के दिन नहीं खरीदना चाहिए. इस दिन मंगलसूत्र खरीदना अपशकुन माना जाता है.
  • कभी भी किसी अन्य महिला का मंगलसूत्र नहीं पहनें. ना ही अपना मंगलसूत्र किसी अन्य महिला को पहनने देना चाहिए.
  • मंगलसूत्र खरीदने के बाद इसे सबसे पहले माता पार्वती को अर्पित करें. इसके बाद इसे पहनें.
  • मंगलसूत्र पहनने के बाद इसे गले से बार-बार उतारना नहीं चाहिए. जब तक बहुत जरूरी न हो मंगलसूत्र गले से न उतारें.
  • खुद के या फिर पति द्वारा खरीदे गए मंगलसूत्र को ही पहनें. किसी अन्य द्वारा खरीदा गया मंगलसूत्र नहीं पहनना चाहिए.

Tags: Dharma Aastha, Religion

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