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Masik Shivratri 2021: आज मासिक शिवरात्रि पर संतान, सौभाग्य और आरोग्य के लिए करें ये उपाय

Masik Shivratri 2021: आज मासिक शिवरात्रि पर संतान, सौभाग्य और आरोग्य के लिए करें ये उपाय

संतान, सौभाग्य और आरोग्य के लिए करें शिव आराधना

संतान, सौभाग्य और आरोग्य के लिए करें शिव आराधना

Masik Shivratri 2021: पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो आज रात 08:26 बजे तक है। उसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना के लिए उत्तम है। आज शिवरात्रि भी और प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) भी। ऐसे में आज आप अपने किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के लिए व्रत रख सकते हैं और शिव मंत्रों (Shiva Mantra) का जाप भी कर सकते हैं।

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    Masik Shivratri 2021: पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो आज रात 08:26 बजे तक है। उसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना के लिए उत्तम है। आज शिवरात्रि भी और प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) भी। ऐसे में आज आप अपने किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के लिए व्रत रख सकते हैं और शिव मंत्रों  (Shiva Mantra) का जाप भी कर सकते हैं। भगवान शिव तो आदि भी हैं और अंत भी, उनसे ही जीवन है और उनसे ही मरण भी। शिवरात्रि के दिन आप उनके कुछ विशेष मंत्रों का जाप करके इच्छित फल प्राप्त कर सकते हैं। आज के दिन अकाल मृत्यु के डर से मुक्ति, संतान प्राप्ति आदि के लिए इन शिव मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

    मासिक शिवरात्रि 2021 पूजा मुहूर्त
    वैसे तो भगवान शिव की पूजा आप कभी भी कर सकते हैं क्योंकि उनके लिए राहुकाल मान्य नहीं होता है। वे तो स्वयं महाकाल हैं, फिर राहु की क्या विसात है। मासिक शिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त आज रात 11:44 बजे से देर रात 12:38 बजे तक है। वैसे आज अभिजित मुहूर्त दिन में 11:50 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 01:55 बजे से दोपहर 02:37 बजे तक है। ये शुभ मुहूर्त हैं, इसमें भी आप पूजा कर सकते हैं।

    संतान प्राप्ति के लिए
    आज मासिक शिवरात्रि के दिन गाय के दूध में चंदन मिला लें और फिर शिवलिंग का अभिषेक करें। पति और पत्नी को साथ में पूजा करना चाहिए। अभिषेक के बाद रुद्राष्टक का पाठ या शिव स्तुति करें। फिर शिव जी और माता पार्वती से संतान सुख प्राप्ति का आशीष लें। भगवान श्रीकृष्ण ने भी संतान प्राप्ति के लिए भगवान सदाशिव और माता पार्वती की पूजा की थी। शिव और शक्ति की कृपा से श्रीकृष्ण को पुत्र साम्ब प्राप्त हुए थे।

    महामृत्‍युंजय मंत्र
    डर, अकाल मृत्यु, अपयश, कुंडली दोष से मुक्ति और आरोग्य एवं लंबी आयु के लिए महामृत्‍युंजय मंत्र का जाप किया जाता है। कुछ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस मंत्र के जाप से यश, धन-संपत्ति और संतान प्राप्ति भी होती है।

    लघु मृत्युंजय मंत्र
    ॐ जूं स माम् पालय पालय स: जूं ॐ।

    संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र
    ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।

    मंत्र के जाप में शब्दों के उच्चारण का विशेष ध्यान रखा जाता है। आप सही उच्चारण नहीं कर पा रहे हों, तो इसके लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की मदद ले सकते हैं।

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva, Shivratri, Spirituality

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