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Mauna Panchami 2021: आज है मौना पंचमी व्रत, जानें कैसे करें नागदेवता की पूजा

नवविवाहित महिलाएं 15 दिन तक व्रत रखती हैं और हर दिन नाग देवता की पूजा करती हैं.

Mauna Panchami 2021: मौना पंचमी व्रत श्रावण महीने के पांचवें दिन मनाया जाता है. इस दिन नागदेवता को सूखे फल और खीर का भोग लगाकर उनकी पूजा की जाती है.

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    Mauna Panchami 2021: सावन महीने के कृष्णपक्ष की पंचमी तिथि पर मौना पंचमी व्रत रखा जाता है. आज मौना पंचमी व्रत है. इस दिन भगवान शिव की आराधना कर मौन रहकर यानी बिना बोले व्रत रखा जाता है, इसलिए इस व्रत को मौना पंचमी कहते हैं. मौना पंचमी व्रत श्रावण महीने के पांचवें दिन मनाया जाता है. पंचमी तिथि के स्वामी नागदेवता होने से इस दिन नागदेवता को सूखे फल और खीर का भोग लगाकर उनकी पूजा की जाती है. देश के कुछ हिस्सों में इस दिन नागपंचमी भी मनाई जाती है. इस तिथि के देवता शेषनाग हैं इसलिए इस दिन भोलेनाथ के साथ-साथ शेषनाग की पूजा भी की जाती है.

    क्या होती है मौना पंचमी
    भारत में कुछ जगहों पर सावन माह की कृष्ण पक्ष की पंचमी को मौना पंचमी का व्रत रखा जाता है. यह पर्व बिहार में नागपंचमी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव की आराधना कर मौन व्रत रखने का महत्व है. इसलिए इस पर्व को मौना पंचमी कहा जाता है. इस दिन नागदेवता को खुश करने के लिए पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में नवविवाहताओं के लिए यह दिन विशेष महत्वपूर्ण होता है. इस दिन से नवविवाहित महिलाएं 15 दिन तक व्रत रखती हैं और हर दिन नाग देवता की पूजा करती हैं. मौना पंचमी के दिन विधि विधान से व्रत करते हुए पूजा और कथा सुनने से सुहागन महिलाओं के जीवन में किसी तरह की बाधाएं नहीं आती हैं.

    इसे भी पढ़ेंः Sawan 2021: जानें सावन के महीने में क्यों की जाती है कांवड़ यात्रा, क्या है इसका इतिहास

    क्या है महत्व
    मौना पंचमी को शिवजी और नाग देवता की पूजा सांसारिक जहर से बचने का संकेत हैं. मौन व्रत न केवल व्यक्ति को मानसिक रूप से संयम और धैर्य रखना सिखाता है वहीं इससे शारीरिक ऊर्जा भी बचती है. कई क्षेत्रों में इस दिन आम के बीज, नींबू तथा अनार के साथ नीम के पत्ते चबाते हैं. ऐसा माना जाता है कि ये पत्ते शरीर से जहर हटाने में काफी हद तक मदद करते हैं. मौना पंचमी के दिन इन दोनों देवताओं का पूजन करने से मनुष्य के जीवन में आ रहे काल का भय खत्म हो जाता है और हर तरह के कष्ट दूर होते हैं. साथ ही भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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