Mauni Amavasya 2021: मौनी अमावस्या पर बन रहा महासंयोग, जानें व्रत विधि

पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य का कार्य करना चाहिए.

पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य का कार्य करना चाहिए.

Mauni Amavasya 2021: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन ग्रहों का महासंयोग बन रहा है. मौनी अमावस्या के दिन श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा और छह ग्रह मकर राशि में होने महासंयोग बना रहे हैं.

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  • Last Updated: February 11, 2021, 6:41 AM IST
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Mauni Amavasya 2021: शास्त्रों में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है. माघ महीने में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या के नाम से जानते हैं. इस साल मौनी अमावस्या आज है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है. मौनी अमावस्या के दिन मौन रहने और कटु शब्दों को न बोलने से मुनि पद की प्राप्ति होती है. माघ महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या (अमावस), माघ अमावस्या और थाई अमावसाई भी कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन ग्रहों का महासंयोग बन रहा है. मौनी अमावस्या के दिन श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा और छह ग्रह मकर राशि में होने महासंयोग बना रहे हैं. इस शुभ संयोग को महोदय योग कहते हैं. मान्यता है कि महोदय योग में कुंभ में डुबकी और पितरों का पूजन करने से अच्छे फलों की प्राप्ति होती है.

माघ अमावस्या 2021 तिथि और शुभ मुहूर्त

11 फरवरी 2021 को 01:10:48 बजे से अमावस्या आरम्भ.

12 फरवरी 2021 को 00:37:12 बजे पर अमावस्या समाप्त.
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मौनी अमावस्या व्रत नियम

-मौनी अमावस्या के दिन सुबह नदी, सरोवर या पवित्र कुंड में स्नान करना चाहिए.



-स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए.

-इस दिन व्रत रखकर जहां तक संभव हो मौन रहना चाहिए.

-गरीब व भूखे व्यक्ति को भोजन अवश्य कराएं.

-अनाज, वस्त्र, तिल, आंवला, कंबल, पलंग, घी और गौ शाला में गाय के लिए भोजन का दान करें.

-आप अमावस्या के दिन गौ दान, स्वर्ण दान या भूमि दान भी कर सकते हैं.

-हर अमावस्या की तरह माघ अमावस्या पर भी पितरों को याद करना चाहिए. इस दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है.

माघ अमावस्या का महत्व

हिंदू धर्म में माघ अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित मानी गई है. इस दिन पितरों को याद किया जाता है. पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य का कार्य करना चाहिए. पितरों के प्रसन्न होने से जीवन में धन, नौकरी, व्यापार और सेहत संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है.

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अमावस्या पर दान का महत्व

पौराणिक मान्यता है कि माघ अमावस्या पर किया गया दान जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है. इस दिन दान करने से कई गुणा पुण्य प्राप्त होता है. अमावस पर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. माघ के महीने में सूर्य पूजा और नदी स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन अन्न, धन, वस्त्र और दवा का दान करने से लाभ होता है. वहीं पशु-पक्षियों को भोजन कराने से भी जीवन में अच्छे फल प्राप्त होते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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