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कब है शनि जयंती, वट सावित्री व्रत, विनायक चतुर्थी? जानें 29 मई से 04 जून तक के व्रत-त्योहार

हर वर्ष शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाती है.

हर वर्ष शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाती है.

मई 2022 अब अपने समापन की ओर है. यह सप्ताह ​धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. इस सप्ताह में वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat), शनि जयंती (Shani Jayanti), विनायक चतुर्थी जैसे व्रत और त्योहार हैं.

मई 2022 अब अपने समापन की ओर है. मई के अंतिम सप्ताह में इस माह के केवल 3 दिन हैं और उसके बाद से जून माह के चार दिन हैं. हालांकि यह सप्ताह ​धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. इस सप्ताह में ज्येष्ठ अमावस्या, सोमवती अमावस्या, वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat), शनि जयंती (Shani Jayanti), बड़ा मंगलवार और विनायक चतुर्थी जैसे व्रत और त्योहार हैं. आइए जानते हैं 29 मई से 04 जून तक के व्रत और त्योहार के बारे में, ताकि आप पहले से इनके लिए तैयारी कर सकें.

यह भी पढ़ें: 2 दिन मनाते हैं वट सावित्री व्रत, जानें इसकी वजह और मुहूर्त

29 मई से 04 जून तक के व्रत त्योहार
30 मई, सोमवार: ज्येष्ठ अमावस्या, सोमवती अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती

सोमवती अमावस्या 2022: ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 30 मई दिन सोमवार को है. सोमवार को अमावस्या होने के कारण यह सोमवती अमावस्या है. इस दिन स्नान और दान का बड़ा ही महत्व है. सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं. वे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. साथ ही पीपल के पेड़ की पूजा भी करती हैं.

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वट सावित्री व्रत 2022: ज्येष्ठ अमावस्या तिथि को हर साल वट सावित्री व्रत रखते हैं. इस वर्ष वट सावित्री व्रत 30 मई को है. इस दिन सुहागन महिलाएं सावित्री, सत्यवान और वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं. ज्येष्ठ अमावस्या को सावित्री अपने पतिव्रता धर्म के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाने में सफल रहीं. इस वजह से सुहागन महिलाएं हर साल ज्येष्ठ अमावस्या पर वट सावित्री व्रत रखती हैं, ताकि उनके पति की आयु लंबी हो और दांपत्य जीवन सुखमय रहे.

शनि जयंती 2022: कर्मफलदाता शनि देव का जन्म ज्येष्ठ अमावस्या तिथि को हुआ था. इस वजह से हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है. इस साल शनि जयंती 30 मई को है. इस दिन शनि देव की पूजा करने, शनि मंत्रों का जाप करने और शनि ग्रह से जुड़ी वस्तुओं का दान करने की परंपरा है. ऐसा करने से साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष से राहत मिलती है.

31 मई, मंगलवार: ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगलवार व्रत
बड़ा मंगलवार व्रत 2022: ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को बड़ा मंगलवार कहते हैं. 31 मई को ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगलवार है. इस दिन व्रत रखते हैं और वीर हनुमान जी की पूजा करते हैं. संकटमोचन हनुमान जी की कृपा से सब संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. लखनऊ में बड़ा मंगलवार के दिन हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा होती है और भंडारा लगता है.

03 जून, शुक्रवार: विनायक चतुर्थी व्रत
विनायक चतुर्थी 2022: ज्येष्ठ मा​ह के शुक्ल पक्ष की चतु​र्थी तिथि को विनायक चतुर्थी व्रत है. इस बार विनायक चतुर्थी व्रत 03 जून शुक्रवार को है. यह जून माह की पहली विनायक चतुर्थी व्रत है. इस दिन गणेश जी की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा नहीं देखते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Tags: Dharma Aastha, Shani Jayanti, Vat Savitri Vrat

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