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Merry Christmas 2021: प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्ग से आया था संदेश, पढ़ें ईसा मसीह की जन्म कथा

Merry Christmas 2021: प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्ग से आया था संदेश, पढ़ें ईसा मसीह की जन्म कथा

क्रिसमस डे 2021

क्रिसमस डे 2021

Christmas 2021: क्रिसमस का त्योहार हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है. प्रभु यीशु या ईसा मसीह (Jesus Christ) के जन्म दिवस के अवसर पर क्रिसमस का त्योहार मनाते हैं. ​क्रिसमस के दिन देश और दुनियाभर के चर्च (Church) में विशेष प्रार्थना की जाती है.

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    Merry Christmas 2021: क्रिसमस का त्योहार हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है. प्रभु यीशु या ईसा मसीह (Jesus Christ) के जन्म दिवस के अवसर पर क्रिसमस का त्योहार मनाते हैं. ​क्रिसमस के दिन देश और दुनियाभर के चर्च (Church) में विशेष प्रार्थना की जाती है. दुनियाभर में फैले ईसाई समुदाय के लोग एक दूसरे को बधाई और शुभकामनाएं देते हैं और बेहतर भविष्य की कामना करते हैं. इस क्रिसमस के अवसर पर हम आपको प्रभु यीशु के जन्म की कथा के बारे में बता रहे हैं. प्रभी यीशु के जन्म के बारे में कई कहानियां हैं. उनका मिलाजुला अंश यहां दे रहे हैं. आइए जानते हैं कि प्रभु यीशु का जन्म कब और कैसे हुआ था?

    प्रभु यीशु की जन्म कथा/Jesus Christ Birth Story

    बताया जाता है कि प्रभु यीशु के जन्म से पूर्व ईश्वर ने स्वर्ग से अपने दूत ग्रैबियल को एक लड़की मरियम के पास भेजा था. उस दूत ने बताया था कि वह ईश्वर पुत्र की माता बनने वाली हैं. यह सुनकर मरियम आश्चर्य में पड़ गईं. मरियम गलीलीया प्रांत के नाजरथ गांव की रहने वाली थीं. तब नाजरथ रोमन साम्राज्य का हिस्सा था. उनकी सगाई दाऊद के राजवंशी युसुफ नामक व्यक्ति से हुई थी, जो पेशे से एक बढ़ई थे.

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    ईश्वर कृपा से मरियम विवाह पूर्व ही गर्भवती हो गई. जब इस बात का पता युसुफ को हुई तो वे दुविधा में पड़ गए. लेकिन बताया जाता है कि ईश्वर के संकेत पाने के बाद युसुफ ने मरियम से विवाह कर लिया और वे दोनों बेथलेहम में रहने लगे. वहीं पर प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ.

    प्रभु यीशु के जन्म के बारे में यह भी कहा जाता है कि मरियम जब गर्भवती थीं, तब रोम के सम्राट आगस्टस ने जनगणना का आदेश दिया था. उसके लिए सभी नागरिकों को बेथलेहम जाकर जनगणना में शामिल होना था. तब मरियम और युसुफ भी नाजरथ से बेथलेहम पहुंचे. उनको वहां पर कहीं रहने की जगह नहीं मिल रही थी, तब उन दोनों ने एक अस्तबल में शरण ली. वहां पर देर रात में प्रभु यीशु का जन्म हुआ.

    तब वहां पर एक देवदूत प्रकट हुए और उन्होंने कुछ गडरिये से प्रभु यीशु के जन्म की सूचना दी. इसके बाद वे लोग वहां पहुंचे और प्रभु यीशु के लिए प्रार्थना की और उनको अपना मसीहा मान लिया.

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    ईसा मसीह के जन्म के बारे में यह भी कहा जाता है कि बेथलेहम के राजा ने दो साल से कम उम्र के बच्चों को मारने का आदेश दे दिया था, तब मरियम और युसुफ वहां से मिस्र में जाकर रहने लगे थे. कुछ समय के बाद वे फिर नाजरथ में बस गए. हालांकि सभी कहानियों में माना जाता है कि ईसा मसीह या प्रभु यीशु का जन्म बेथलेहम हुआ था. कुछ कहानियों में मरिमय को मैरी और युसुफ को जोसेफ भी कहते हैं.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Christmas, Dharma Aastha

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