मंगलवार को हनुमान जी का व्रत रखने से पहले जरूर जान लें ये बातें, इन मंत्रों से करें पूजा

मंगलवार को हनुमान जी का व्रत रखने से पहले जरूर जान लें ये बातें, इन मंत्रों से करें पूजा
मान्यता है कि मांगलिक दोष से पीड़ित जातकों को भी मंगलवार का व्रत रखने से लाभ होता है.

कहते हैं कि हनुमान जी (Hanuman Ji) की कृपा जिस पर बरसरना शुरू होती है उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है. मंगलवार (Tuesday) के दिन हनुमान जी का व्रत (Fast) रखने से बिगड़े काम बन जाते हैं और जीवन से कष्ट दूर हो जाते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 7:03 AM IST
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वैदिक ग्रंथों में मंगल (Tuesday) का दिन सबसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है. कहते हैं कि कलियुग में हनुमान जी (Hanuman Ji) ही स्थायी भगवान हैं. हनुमानजी की निरंतर भक्ति करने से भूत-पिशाच, शनि और ग्रह बाधा, रोग और शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन से मुक्ति, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना से बचना, मंगल दोष, कर्ज से मुक्ति, बेरोजगार और तनाव या चिंता से मुक्ति मिल जाती है. कहते हैं कि हनुमान जी की कृपा जिस पर बरसरना शुरू होती है उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है. मंगलवार के दिन हनुमान जी का व्रत रखने से बिगड़े काम बन जाते हैं और जीवन से कष्ट दूर हो जाते हैं. आइए जानते हैं मंगलावर को व्रत रखने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

मंगलवार व्रत की पूजा-विधि

-मंगलवार के दिन सूर्योदय से पहले ही उठ जाना चाहिए.



-नित्यक्रिया से निपटकर स्नान कर स्वच्छ होना चाहिए.
-इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है. तत्पश्चात हनुमानजी को लाल फूल, सिन्दूर, वस्त्र चढ़ाने चाहिए.

-श्रद्धापूर्वक हनुमानजी की प्रतिमा के सामने ज्योति जलाकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए.

-शाम के समय बेसन के लड्डुओं या फिर खीर का भोग हनुमानजी को लगाकर स्वयं नमकरहित भोजन करना चाहिए.

-मंगलवार का व्रत करने वालों को इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

-मान्यता है कि मांगलिक दोष से पीड़ित जातकों को भी मंगलवार का व्रत रखने से लाभ होता है.

-शनि की महादशा, ढैय्या या साढ़ेसाती की परेशानी को दूर करने के लिए भी यह व्रत बहुत कारगर माना जाता है.

जीवन की तमाम समस्याओं को दूर करने के लिए और हर संकट और पीड़ा से मुक्ति प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करें.

महाबली हनुमान के संकटहारी मंत्र
पहला मंत्र- ॐ तेजसे नम:
दूसरा मंत्र- ॐ प्रसन्नात्मने नम:
तीसरा मंत्र- ॐ शूराय नम:
चौथा मंत्र- ॐ शान्ताय नम:
पांचवां मंत्र- ॐ मारुतात्मजाय नमः
छठा मंत्र- ऊं हं हनुमते नम:

मंगलवार की शाम को हनुमान जी के सामने बैठकर इन मंत्रों का कम से कम 108 बार या ज्यादा से ज्यादा आपकी जितनी क्षमता हो, उतनी बार जाप करें. आपके सभी संकट शीघ्र कट जाएंगे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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