Home /News /dharm /

Naag Diwali 2021: आज है नाग दिवाली, जानें पूजा मुहूर्त, महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय

Naag Diwali 2021: आज है नाग दिवाली, जानें पूजा मुहूर्त, महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय

उत्तराखंड के चमोली जिले के वांण गाव में नाग दिवाली का पर्व मनाया जाता है.

उत्तराखंड के चमोली जिले के वांण गाव में नाग दिवाली का पर्व मनाया जाता है.

Naag Diwali 2021: विवाह पंचमी के दिन उत्तराखंड के चमोली जिले के वांण गाव में नाग दिवाली का पर्व मनाया जाता है. इस नाग देव (Naag Dev) की विधिपूर्वक पूजा करने की परंपरा है. नाग दिवाली पर्व हर वर्ष पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. आज मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी है. आज विवाह पंचमी (Vivah Panchami) और नाग दिवाली है.

अधिक पढ़ें ...

    Naag Diwali 2021: विवाह पंचमी के दिन उत्तराखंड के चमोली जिले के वांण गाव में नाग दिवाली का पर्व मनाया जाता है. इस नाग देव (Naag Dev) की विधिपूर्वक पूजा करने की परंपरा है. नाग दिवाली पर्व हर वर्ष पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. आज मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी है. आज विवाह पंचमी (Vivah Panchami) और नाग दिवाली है. नाग दिवाली के अवसर पर नाग मंदिरों में पूजा करने, घर पर रंगोली बनाने और नागों को दीपक दान करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यतओं के अनुसार, आज के अवसर पर नागों की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्ट दूर होते हैं. आइए जानते हैं कि नाग दिवाली का पूजा मुहूर्त क्या है?

    नाग दिवाली 2021 मुहूर्त
    मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी तिथि आज रात 09:25 बजे तक है. आज रवि योग रात 10:40 बजे से अगले दिन प्रात: 07:02 बजे तक है. आज का विजय मुहूर्त दोपहर 01:57 बजे से दोपहर 02:38 बजे तक है. आज का राहुकाल दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक है. राहुकाल में पूजा करना वर्जित होता है.

    कालसर्प दोष से मुक्ति
    ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में जब राहु और केतु 180 डिग्री में स्थि​त हों और सभी ग्रह इनके बीच में आ जाएं. तो कालसर्प दोष होता है. इसके निवारण के लिए नाग पंचमी पर विशेष उपाय किए जाते हैं. आज नाग दिवाली है, तो इस अवसर पर भी नागों की पूजा करने से कुंडली के कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है.

    1. कालसर्प से मुक्ति के लिए भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया जाता है.
    2. इससे बचने के लिए आप मोरपंख वाली श्रीकृष्ण भगवान की मूर्ति की पूजा करें.
    3. कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए रोज शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना चाहिए.
    4. राहु शांत कराने से भी कालसर्प दोष से राहत मिलती है.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Dharma Aastha, Spirituality

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर