Nag Panchami 2019: काल सर्प दोष से चाहते हैं मुक्ति तो ऐसे करें नाग पंचमी की पूजा

काल सर्प दोष भी कई प्रकार का होता है. इस दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी के दिन नाग का पूजन और साथ ही भगवान शिव जी का पूजन कर के नाग नागिन का एक जोड़ा उनको अर्पित करने से इस दोष का प्रभाव कम हो जाता

News18Hindi
Updated: August 5, 2019, 11:57 AM IST
Nag Panchami 2019: काल सर्प दोष से चाहते हैं मुक्ति तो ऐसे करें नाग पंचमी की पूजा
काल सर्प दोष भी कई प्रकार का होता है. इस दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी के दिन नाग का पूजन और साथ ही भगवान शिव जी का पूजन कर के नाग नागिन का एक जोड़ा उनको अर्पित करने से इस दोष का प्रभाव कम हो जाता
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Updated: August 5, 2019, 11:57 AM IST
जहां सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को उत्तर भारत में नाग पूजा की जाती है. वहीं दक्षिण भारत में ऐसा ही पर्व कृष्ण पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है. हिन्दू धर्म में नाग पंचमी का अत्यंत महत्व माना जाता है. एक मान्यता के अनुसार इस दिन सर्पों के 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है और दूध चढ़ाया जाता है. भगवान शिव को सर्प अत्यंत प्रिय हैं इसीलिए उनके प्रिय माह सावन में नाग पंचमी का त्योहार आता है.

नाग पंचमी पूजा का ज्योतिषीय कारण

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के उपरोक्त धार्मिक और सामाजिक कारण तो हैं ही साथ ही इसके ज्योतिषीय कारण भी हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में योगों के साथ-साथ दोषों को भी देखा जाता है. कुंडली में कालसर्प दोष एक बड़ा दोष होता है. काल सर्प दोष भी कई प्रकार का होता है. इस दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी के दिन नाग का पूजन और साथ ही भगवान शिव जी का पूजन कर के नाग नागिन का एक जोड़ा उनको अर्पित करने से इस दोष का प्रभाव कम हो जाता.

नाग पंचमी पर ऐसे करें पूजा

धर्म शास्त्रों में नागपंचमी के दिन पूरे विधि-विधान से नागदेवता की पूजा करने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत करने और पूजा करने वाले जातकों को घर के मुख्यद्वार के दोनों तरफ गाय के गोबर से नागदेवता का चित्र उकेर कर उनकी पूजा करनी चाहिए. चित्र बनाते समय ध्यान रखें कि पांच फन वाले नागदेवता का पूजन काफी शुभ माना जाता है. हिन्दू धर्म शास्त्रों के मुताबिक़, नागदेवता कुल 12 होते हैं. अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, करकोटक, उच्चतर, धृतराष्ट्र, शंखपाद, कालिय, तक्षक और पिंगल भी नागदेवता हैं जिनकी पूजा की जाती है.

नागदेवता की पूजा करते समय पंचोपचार या षोडशोपचार विधि अपनानी चाहिए. मान्यता है कि इस दिन नागदेवता को दूध, लावा और खीर का प्रसाद चढ़ाने पर उनकी कृपा प्राप्त होती है. नागदेवता की पूजा करते समय इन मन्त्रों का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: August 5, 2019, 11:44 AM IST
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