नागपंचमी : भारत में 320 से ज्यादा हैं सांपों की प्रजातियां, यहां जानिए सांपों से जुड़े मिथक

नागपंचमी : भारत में 320 से ज्यादा हैं सांपों की प्रजातियां, यहां जानिए सांपों से जुड़े मिथक
नागपंचमी सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है.

आज नागपंचमी (Nagpanchami)है. आज के दिन लोग नागदेवता (Nagdevta)की पूजा करते हैं और उनको दूध (Milk) पिलाते हैं. आज हम आपको देश में सांपों (Snakes)का प्रजाति और उनसे जुड़े मिथकों के बारे में बता रहे हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 25, 2020, 12:12 PM IST
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आज नागपंचमी (Nagpanchami) है. देश भर में लोग आज सांपों को नागदेवता (Nagdevta)का दर्जा देकर पूजते हैं और उनको दूध (Milk) पिलाते हैं. नागपंचमी सावन महीने (Sawan)के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है. इस दिन नागदेवता की विशेष पूजा-अर्चना का प्रावधान है. आज के दिन सांपों को दूध पिलाना शुभ माना जाता है. लेकिन उज्जैन के सर्प अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर मुकेश इंगले का कहना है कि सांपों को दूध नहीं पिलाना चाहिए. क्योंकि सांप मांसाहारी जीव है और वह दूध पचा नहीं सकते. दूध पिलाने से सांप को निमोनिया हो जाता है, जिससे वो मर सकता है.

मुकेश इंगले ने दैनिक भास्कर से सांपों की प्रजाति और उनसे जुड़े मिथकों के बारे में कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने बताया कि उनकी पांच पीढ़ियां सांपों के संरक्षण का काम कर रही हैं. मुकेश खुद 30 साल से सांपों पर रिसर्च कर रहे हैं. मुकेश ने बताया कि दुनियाभर में सांपों की 3000 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं. भारत में करीब 320 प्रजातियों के सांप हैं.

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कैसे हुआ नागों का जन्म
महाभारत की एक कथा में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है. कथा के अनुसार ऋषि कश्यप और दक्ष पुत्री कद्रु से नागों का जन्म हुआ है. ऐसा कहा जाता है कि कद्रू और कश्यप से एक हजार नाग प्रजातियों का जन्म हुआ था. इनमें से आठ नाग प्रमुख थे. वासुकि, तक्षक, कुलक, कर्कोटक, पद्म, शंख, चूड़, महापद्म और धनंजय. नागों की ये आठ मूल प्रजातियां थीं. इन्हीं से कई उपप्रजातियां बनीं. धार्मिक मान्यताओं से एकदम अलग वैज्ञानिक तथ्य इसके बारे में क्या कहता है? मुकेश इंगले से जानिए सांपों से जुड़ी मान्यताओं की सच्चाई...

क्या मणिधारी और इच्छाधारी सांप होते हैं ?
बॉलीवुड में आपने कई फिल्मों में देखा होगा कि मणिधारी सांप के पीछे कुछ अघोरी पड़ होते हैं. ऐसी पुरानी मान्यता भी है, लेकिन विज्ञान इन चीजों को नहीं मानता. अभी तक किसी भी रिसर्च में ऐसे किसी सांप के बारे में पता नहीं चला है, जोमणधारी हो. अत: ये एक भ्रम है. कोबरा सांप जब फन फैलाता है तो उसे फन के ऊपर एक चमकीला निशान दिखाई देता है. इसे को लोग मणि समझते हैं.क्योंकि अंधेरे में जब इस पर प्रकाश पड़ने पर यह चमकता है. वहीं इच्छाधारी सांप बातें सिर्फ कोरी कल्पना है. जो सिर्फ कहानियों में प्रचलित हैं. वास्तविकता में ऐसा कोई सांप नहीं होता है. इस संबंध में अभी तक कोई ऐसे प्रमाण भी नहीं मिले हैं.

क्या दो मुंह वाले भी सांप होते हैं?
देश में सांपों की कई तरह की प्रजातियां पाई जाती हैं. इनमें से कुछ सांप ऐसे हैं, जिनकी पूंछ नुकीली न होकर सांप के मुंह की तरह ही मोटी होती है. ऐसे सांप आगे-पीछे से एक ही तरह के दिखाई देते हैं. यहां लोग जानकारी न होने के कारण इन्हें दो मुंह का सांप कहते हैं. इस तरह के सांप सामान्य सांपों से एकदम अलग होते हैं.

क्या सांप उड़ते भी हैं?
जी हां, कुछ सांप उड़ने की कला जानते हैं. सांप की इस प्रजाति को क्राइसोपेलिया (Chrysopelea) कहा जाता है, लेकिन, ये सांप पक्षियों की तरह नहीं उड़ सकते हैं. उड़ने वाले सांप ऊपर से नीचे आते समय हवा में लहराते हैं. ये अपने शरीर को फैलाकर चौड़ा कर लेते हैं, जिससे नीचे आते समय ये उड़ते हुए दिखते हैं. ऐसे सांप नीचे से ऊपर की ओर नहीं उड़ सकते. ऊपर जाने के लिए इन्हें पेड़ पर चढ़ाना पड़ता है. भारत में आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बिहार जैसे राज्यों में ये देखे गए हैं.

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नाग-नागिन अपने साथी की मौत का बदला भी लेते हैं?
इससको लेकर भी बॉलीवुड़ में कई तरह की फिल्में बनी हैं, जिसमें नाग या नागिन अपने साथी की मौत का भयानक बदला देते दिखाई देते हैं. लेकिनए ऐसा नहीं है वह बदला नहीं लेते. क्योंकि सांप किसी भी घटना को याद नहीं रख सकते. सांपों के दिमाग में यादों को स्टोर करने वाली कोई चीज नहीं होती. सांप बार-बार अपनी जीभ बाहर निकालते हैं, इस दौरान वे एक विशेष प्रकार का रसायन छोड़ते हैं, जिसे दूसरे सांप ग्रहण करते हैं. इसी रसायन की मदद से सांप एक-दूसरे से संवाद करते हैं.

आगर कोई आदमी सांप को मार देता है, तो मरने वाला सांप बहुत सारा रसायन छोड़ता है. इसे सूंघ कर उस क्षेत्र में मौजूद दूसरे सांप वहां पहुंच जाते हैं. लोग इसे समझते हैं कि ये सांप बदला लेने आए हैं. हां अगर किसी ने सांप को मारा और उसका खून इंसान के कपड़ों पर लगा रह जाता है तो उस खून की गंध को सूंघते हुए अन्य सांप व्यक्ति का पीछा जरूर कर सकते हैं.

क्या बीन की धुन पर नाचते हैं सांप?
सांप बीन की धुन पर नाचते नहीं है. सांप सपेरे के मूवमेंट पर नजर रखता है. सपेरा जैसे-जैसे बीन लहराता है, सांप भी उसी तरह इधर-उधर हिलता है, जिसे लोग सांप का नाचना समझते हैं. सांप स्थिर चीजों पर रिएक्ट नहीं करता है, लेकिन उसके सामने कोई चीज हिलती दिखती है तो सांप तुरंत एक्शन में आ जाता है.
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