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Nanak Jayanti 2020 Date: कब है नानक जयंती? जानें तारीख और गुरुनानक से जुड़ी दिलचस्प बातें

गुरु नानक जी को शांति और सेवा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.
गुरु नानक जी को शांति और सेवा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.

Nanak Jayanti 2020: गुरु नानक (Guru Nanak Ji) ने बचपन से ही रूढ़िवादिता के विरुद्ध संघर्ष की शुरुआत कर दी थी. वे धर्म प्रचारकों को उनकी खामियां बतलाने के लिए अनेक तीर्थस्थानों पर पहुंचे और लोगों से धर्मांधता से दूर रहने का आग्रह किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 2:31 PM IST
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Nanak Jayanti 2020 Date:  नानक जयंती 30 नवंबर सोमवार को मनाई जाएगी. सिख धर्म के प्रवर्तक गुरु नानक देव (Guru Nanak) का जन्म (Guru Nanak Birthday) संवत्‌ 1526 में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन हुआ था. गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाती है. इस दिन को प्रकाश पर्व (Prakash Parv) के रूप में मनाया जाता है. नानक जी ने हमारे जीवन से संबंधित कई उपदेश दिए हैं. गुरु नानक (Guru Nanak) से जुड़ी 10 बातें -

गुरु नानक देव के पिता का नाम मेहता कालू और माता का नाम तृप्ता देवी था. नानक देव जी की बहन का नाम नानकी था. नानक जी के जन्म के बाद तलवंडी का नाम ननकाना पड़ा. वर्तमान में यह जगह पाकिस्तान में है.

नानक जब कुछ बड़े हुए तो उन्हें पढने के लिए पाठशाला भेजा गया. उनकी सहज बुद्धि बहुत तेज थी. वे कभी-कभी अपने शिक्षको से विचित्र सवाल पूछ लेते जिनका जवाब उनके शिक्षको के पास भी नहीं होता. जैसे एक दिन शिक्षक ने नानक से पाटी पर अ लिखवाया. तब नानक ने अ तो लिख दिया किन्तु शिक्षक से पूछा, गुरूजी! अ का क्या अर्थ होता है? यह सुनकर गुरूजी सोच में पड़ गए.
गुरु नानक बचपन से सांसारिक विषयों से उदासीन रहा करते थे. तत्पश्चात् सारा समय वे आध्यात्मिक चिंतन और सत्संग में व्यतीत करने लगे. गुरु नानक के बचपन के समय में कई चमत्कारिक घटनाएं घटी जिन्हें देखकर गांव के लोग इन्हें दिव्य व्यक्तित्व वाले मानने लगे. गुरु नानक (Guru Nanak Ji) ने बचपन से ही रूढ़िवादिता के विरुद्ध संघर्ष की शुरुआत कर दी थी. वे धर्म प्रचारकों को उनकी खामियां बतलाने के लिए अनेक तीर्थस्थानों पर पहुंचे और लोगों से धर्मांधता से दूर रहने का आग्रह किया.
गुरु नानक देव ने ही इक ओंकार का नारा दिया यानी ईश्वर एक है. वह सभी जगह मौजूद है. हम सबका “पिता” वही है इसलिए सबके साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिए. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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