Durga Puja 2020: कोरोना काल में पश्चिम बंगाल में सजेंगे दुर्गा पूजा पंडाल, लेकिन ध्यान में रखें ये गाइडलाइंस

कोरोना काल में पश्चिम बंगाल में सजेंगे दुर्गा पूजा पंडाल
कोरोना काल में पश्चिम बंगाल में सजेंगे दुर्गा पूजा पंडाल

नवरात्रि २०२० (Navratri 2020): नवरात्रि (Navratri) में कोरोना काल में (Corona Time)होने वाली दुर्गा पूजा (Durga Puja) को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने सुरक्षा आयोजकों और पंडाल में आने वाले श्रृद्धालुओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2020, 1:19 PM IST
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नवरात्रि २०२० (Navratri 2020): नवरात्रि इस बार 17 अक्टूबर को पड़ रही है. कोरोनावायरस (Corona virus) के मध्येनजर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार राज्य में हर साल नवरात्रि (Navratri) में होने वाली दुर्गा पूजा (Durga Puja) को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से सतर्क हो गई है. इसके लिए राज्य सरकार ने पूजा आयोजकों और पंडाल में आने वाले श्रृद्धालुओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. सरकार ने पूजा समितियों के लिए लाभ की भी घोषणा की है. इसमें निशुल्क फायर ब्रिगेड सेवा, निगमों और पंचायतों को कर में छूट, पूजा आयोजकों और बिजली पर 50 फीसदी की छूट शामिल हैं. दुर्गा पूजा का आयोजन 22 अक्टूबर से शुरू होकर 26 अक्टूबर तक होगा.

दुर्गा पूजा के लिए दिशा-निर्देश
1. विशाल खुले पंडाल: राज्य सरकार ने सभी आयोजकों को विशाल और खुले पूजा पंडालों को लगाने का निर्देश दिया है. जिसमें सभी जगह से श्रृद्धालुओं के आने और जाने का रास्ता हो.

2. मास्क और हैंड सैनिटाइजर: श्रृद्धालुओं के बिना मास्क के पंडाल में जाने पर रोक रहेगी. वहीं, आयोजकों को भरपूर्ण मात्रा में हैंड सैनिटाइजर का इंतजाम करना होगा. पूजा पंडाल में प्रवेश करने से पहले सभी श्रृद्धालुओं को सैनिटाइज करने को कहा गया है.




3. पूजा अनुष्ठानों का आयोजन: पूजा के दौरान पुष्पांजलि, सिंदूर खेला और प्रसाद जैसे पूजा अनुष्ठानों का आयोजन छोटे समूहों में किया जाने के निर्देश जारी हुए हैं। भजन-कीर्तन के लिए पुजारी को माइक्रोफोन का इस्तेमाल करने को कहा है ताकि श्रद्धालु उचित दूरी बनाकर इन्हें सुन सके और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके. स्टॉल पर भीड़ जमा न हो इसलिए श्रद्धालुओं को फूल और प्रसाद घर से ही लाने को कहा है.

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4. सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक: इस वर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर किसी भी पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की मनाही है.

5. मेला और कार्निवल पर रोक: राज्य सरकार ने इस साल कार्निवल को रद्द कर दिया है और पंडालों के पास किसी भी मेले के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है.

6. बड़ी संख्या में उत्सवों को समाप्त करना: अधिक भीड़ से बचने के लिए, सरकार ने दुर्गा पूजा आयोजकों को पांच दिवसीय उत्सव में तृतीया से तीन दिन पहले पंडाल खोलने को कहा है.

7. जजिंग प्रकिया में कमी: राज्य सरकार ने पंडाल के लिए वर्चुअल जंजिग (Virtual Judging) करने को कहा है. लेकिन, इसके साथ ही जजिंग पैनल को कम संख्या में पंडाल में आने की अनुमति भी दी गई है. पंडाल में पुरस्कृत करने के लिए जजमेंट प्रक्रिया सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक करने को कहा है.

8. इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया पर जोर: राज्य सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर पूजा के लिए इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जोर देने के लिए भी कहा है. इससे पंडाल में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आएगी.

9. उद्घाटन और विसर्जन पर रोक: राज्य सरकार ने प्रतिभागियों से कहा है कि वे बिना धूमधाम और भव्यता से उद्घाटन के अवसर से बचें. वहीं, विसर्जन के लिए घाटो पर तय समय-सीमा के अनुसार पहुंचें. दुर्गा प्रतिमाओं को बिना किसी रोक-टोक के सीधे घाट पर ले जाने को कहा है.

10. ऑनलाइन अनुमति: राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को अनुमति-प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है.
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