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Navratri 2020: जानें नवरात्रि के 9 दिन और देवी मां की नौ रंगों की पोशाक का महत्व

नवरात्रि के 9 दिनों के रंगों और उनके महत्व के बारे में जरूर जान लें.

मां शक्ति (Maa Shakti) को हर दिन अलग रंग (Colour) की पोशाक पहनाई जाएगी और हर रंग का अलग महत्व होता है. रंग का क्रम हर साल अलग हो सकता है लेकिन रंग वही रहता है.

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    नवरात्रि (Navratri 2020) भारतीय त्योहारों में एक अलग स्थान रखता है. शरद ऋतु में पड़ने के कारण इसे शारदीय नवरात्रि भी कहते हैं. इस पावन पर्व पर मां दुर्गा (Maa Durga) के विभिन्न रूपों की पूजा 9 दिनों तक की जाती है. इस बार शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है जो कि 25 अक्टूबर तक चलेगी. इसके अलावा 26 अक्टूबर को विजयादशमी या दशहरा (Dusshera) मनाया जाएगा. आपको बता दें कि मां शक्ति को हर दिन अलग रंग (Colour) की पोशाक पहनाई जाएगी और हर रंग का अलग महत्व होता है. रंग का क्रम हर साल अलग हो सकता है लेकिन रंग वही रहता है. आइए आपको नवरात्रि के 9 दिनों के रंगों और उनके महत्व के बारे में बताते हैं.

    ग्रे (Grey)
    प्रतिपदा का पहला दिन ग्रे कलर का माना जाता है. यह रंग देवी शैलपुत्री के पूजा का प्रतीक है. यह रंग समझदारी और शांति का प्रतीक भी है. इसका मतलब बुराई का नाश भी होता है.

    नारंगी (Orange)
    नवरात्रि के दूसरे दिन यह रंग इस्तेमाल किया जाता है. देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए यह रंग इस्तेमाल होता है. इसके अलावा यह रंग ऊर्जा और खुशी का प्रतीक है. यह शांति, चमक और ज्ञान का प्रतीक भी है.

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    सफेद (White)
    देवी चन्द्रघंटा की पूजा के लिए यह रंग इस्तेमाल होता है. नवरात्रि के तीसरे दिन इसका प्रचलन होता है. सफेद रंग शांति का प्रतीक होता है. यह शांति और पवित्रता का प्रतीक होता है और भलाई के लिए भी जाना जाता है.

    लाल (Red)
    चतुर्थी के दिन देवी कुष्मांडा की पूजा के लिए लाल रंग का चलन है. यह ऊर्जा, प्रेम और रचनात्मकता का प्रतीक है. इसके अलावा लाल रंग क्रोध और जुनून के लिए भी जाना जाता है.

    रॉयल ब्लू (Royal Blue)
    यह रंग पंचमी के दिन स्कन्दमाता की पूजा के लिए प्रयोग में लिया जाता है. यह रंग दैवीय ऊर्जा, बुद्धिमता और श्रेष्ठता का प्रतीक है.

    पीला रंग (Yellow)
    छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है. इस दिन को पीले रंग से सजाना चाहिए जो खुशी, ताजगी, चमक और खुशमिजाजी का प्रतीक है.

    हरा रंग (Green)
    सप्तमी के दिन कालरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है. हरा रंग विकास, सकारात्मकता और शुरुआत को दर्शाता है. यह माता की प्रकृति और इसके पौष्टिक गुणों को भी संदर्भित करता है.

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    पीकॉक ग्रीन (Peacock Green)
    अष्टमी के दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है. पीकॉक ग्रीन रंग उन इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जिनके पूरे होने की कामना की जाती है.

    बैंगनी रंग (Purple)
    नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. बैंगनी रंग सुंदरता, महत्वाकांक्षा और लक्ष्य का प्रतिनिधित्व करता है. यह अखंडता का भी प्रतीक है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    Published by:Purnima Acharya
    First published: