नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की होती है पूजा, सभी का है अलग-अलग महत्व

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की होती है पूजा, सभी का है अलग-अलग महत्व
इस साल 2020 में नवरात्रि 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक होगी.

नवरात्र (Navratr) संस्कृत का शब्द है. वहीं नवरात्रि (Navratri) एक हिंदू पर्व है, जिसका अर्थ होता है नौ रातें. यह पर्व साल में दो बार आता है. पहला शारदीय नवरात्रि, दूसरा है चैत्रीय नवरात्रि के रूप में. नवरात्रि के नौ रातों में तीन हिंदू देवियों- पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के नौ में रूपों पूजा होती है, जिन्हें नवदुर्गा (Nav durga) कहते हैं. इस साल 2020 में नवरात्रि 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक होगी. आइए आज मां दुर्गा के नौ रूपों के बारे में जानते हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 6:49 AM IST
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मां शैलपुत्री गिरिराज हिमवान की पुत्री हैं. ऐसी मान्यता है कि अपने पूर्वजन्म में ये दक्ष प्रजापति की पुत्री सती थीं. इनका विवाह भगवान शिव से हुआ था. दक्ष ने एक यज्ञ के आयोजन में शिव जी को आमंत्रित नहीं किया. इस अपमान से क्षुब्ध होकर सती ने योगाग्नि द्वारा उस रूप को ही भस्म कर दिया. वही सती अगले जन्म में हिमालय की पुत्री शैलपुत्री के रूप में जन्मी.
मां शैलपुत्री गिरिराज हिमवान की पुत्री हैं. ऐसी मान्यता है कि अपने पूर्वजन्म में ये दक्ष प्रजापति की पुत्री सती थीं. इनका विवाह भगवान शिव से हुआ था. दक्ष ने एक यज्ञ के आयोजन में शिव जी को आमंत्रित नहीं किया. इस अपमान से क्षुब्ध होकर सती ने योगाग्नि द्वारा उस रूप को ही भस्म कर दिया. वही सती अगले जन्म में हिमालय की पुत्री शैलपुत्री के रूप में जन्मी.


मां दुर्गा की द्वितीय शक्ति का नाम ब्रह्माचारिणी है. ब्रह्मा में लीन होकर तप करने के कारण इन महाशक्ति को ब्रह्माचारिणी की संज्ञा मिली है. इसीलिए मां के इस स्वरूप का ध्यान हमारी शक्तियों को जाग्रत करके स्वयं पर नियंत्रण करने की साम‌र्थ्य प्रदान करता है.
मां दुर्गा की द्वितीय शक्ति का नाम ब्रह्माचारिणी है. ब्रह्मा में लीन होकर तप करने के कारण इन महाशक्ति को ब्रह्माचारिणी की संज्ञा मिली है. इसीलिए मां के इस स्वरूप का ध्यान हमारी शक्तियों को जाग्रत करके स्वयं पर नियंत्रण करने की साम‌र्थ्य प्रदान करता है.


मां दुर्गा की तीसरी शक्ति मां चंद्रघंटा हैं. उनके इस स्वरूप का ध्यान हमें अपनी दुर्बलताओं से साहसपूर्वक लड़ते हुए उन पर विजय प्राप्त करने की शिक्षा देता है. मां का यह स्वरूप दस भुजाओं वाला है, जिनसे वे असुरों से युद्ध करने जाने के लिए उद्यत हैं. वे हमें दस इंद्रियों को नियंत्रण में रखते हुए ध्येय की प्राप्ति में लगे रहने की शिक्षा प्रदान करती हैं.
मां दुर्गा की तीसरी शक्ति मां चंद्रघंटा हैं. उनके इस स्वरूप का ध्यान हमें अपनी दुर्बलताओं से साहसपूर्वक लड़ते हुए उन पर विजय प्राप्त करने की शिक्षा देता है. मां का यह स्वरूप दस भुजाओं वाला है, जिनसे वे असुरों से युद्ध करने जाने के लिए उद्यत हैं. वे हमें दस इंद्रियों को नियंत्रण में रखते हुए ध्येय की प्राप्ति में लगे रहने की शिक्षा प्रदान करती हैं.




मां दुर्गा के चौथे स्वरूप को कूष्मांडा देवी कहते हैं. उनका सूर्य के समान तेजस्वित स्वरूप और उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं. उनकी मधुर मुस्कान हमारी जीवनी शक्ति का संवर्धन करते हुए हमें हंसते हुए कठिन से कठिन मार्ग पर चलकर सफलता पाने को प्रेरित करती है.
मां दुर्गा के चौथे स्वरूप को कूष्मांडा देवी कहते हैं. उनका सूर्य के समान तेजस्वित स्वरूप और उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं. उनकी मधुर मुस्कान हमारी जीवनी शक्ति का संवर्धन करते हुए हमें हंसते हुए कठिन से कठिन मार्ग पर चलकर सफलता पाने को प्रेरित करती है.

मां दुर्गा की पांचवीं शक्ति स्कंदमाता हैं. भगवान स्कंद की माता होने के कारण ही उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है. मान्यता है कि सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण उनकी मनोहर छवि पूरे ब्रह्मांड में प्रकाशमान होती है.
मां दुर्गा की पांचवीं शक्ति स्कंदमाता हैं. भगवान स्कंद की माता होने के कारण ही उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है. मान्यता है कि सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण उनकी मनोहर छवि पूरे ब्रह्मांड में प्रकाशमान होती है.


मां दुर्गा की छठी शक्ति को कात्यायनी के रूप में जाना जाता है. कात्यायन ऋषि की पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उनके इस स्वरूप का नाम कात्यायनी पड़ा. कात्यायन ऋषि ने देवी को पुत्री-रूप में पाने के लिए भगवती की कठोर तपस्या की थी.
मां दुर्गा की छठी शक्ति को कात्यायनी के रूप में जाना जाता है. कात्यायन ऋषि की पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उनके इस स्वरूप का नाम कात्यायनी पड़ा. कात्यायन ऋषि ने देवी को पुत्री-रूप में पाने के लिए भगवती की कठोर तपस्या की थी.


मां दुर्गा की सातवीं शक्ति का स्वरूप कालरात्रि का है. उनके शरीर का रंग अंधकार की तरह काला है. गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है. तीन नेत्र ब्रमांड की तरह गोल हैं, जिनसे ज्योति निकलती है. इस स्वरूप का ध्यान हमारे जीवन के अंधकार से मुकाबला कर उसे प्रकाश की ओर ले जाने के लिए प्रेरित करता है.
मां दुर्गा की सातवीं शक्ति का स्वरूप कालरात्रि का है. उनके शरीर का रंग अंधकार की तरह काला है. गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है. तीन नेत्र ब्रमांड की तरह गोल हैं, जिनसे ज्योति निकलती है. इस स्वरूप का ध्यान हमारे जीवन के अंधकार से मुकाबला कर उसे प्रकाश की ओर ले जाने के लिए प्रेरित करता है.


मां दुर्गा की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है. मां के इस स्वरूप का ध्यान हमें आस्था, श्रद्धा और विश्वास रूपी श्वेत प्रकाश को अपने जीवन में धारण करते हुए अलौकिक कांति और तेज से सुसंपन्न होने का संदेश प्रदान करता है. मां महागौरी की अवस्था आठ वर्ष की मानी गई है-अष्टवर्षा मवेद गौरी. इनका वर्ण शंख, चंद्र व कुंद के फूल के समान उज्ज्वल है. इनकी चार भुजाएं हैं. मां वृषभवाहिनी और शांतिस्वरूपा हैं.
मां दुर्गा की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है. मां के इस स्वरूप का ध्यान हमें आस्था, श्रद्धा और विश्वास रूपी श्वेत प्रकाश को अपने जीवन में धारण करते हुए अलौकिक कांति और तेज से सुसंपन्न होने का संदेश प्रदान करता है. मां महागौरी की अवस्था आठ वर्ष की मानी गई है-अष्टवर्षा मवेद गौरी. इनका वर्ण शंख, चंद्र व कुंद के फूल के समान उज्ज्वल है. इनकी चार भुजाएं हैं. मां वृषभवाहिनी और शांतिस्वरूपा हैं.


सिद्धिदात्री मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है. वे सिद्धिदात्री, सिंह वाहिनी, चतुर्भुजा तथा प्रसन्नवदना हैं. मार्कंडेय पुराण में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व एवं वशित्व- ये आठ सिद्धियां बतलाई गई हैं. इन सभी सिद्धियों को देने वाली सिद्धिदात्री मां हैं.
सिद्धिदात्री मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है. वे सिद्धिदात्री, सिंह वाहिनी, चतुर्भुजा तथा प्रसन्नवदना हैं. मार्कंडेय पुराण में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व एवं वशित्व- ये आठ सिद्धियां बतलाई गई हैं. इन सभी सिद्धियों को देने वाली सिद्धिदात्री मां हैं.


(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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