Navratri 2020 : मां दुर्गा को बेहद प्रिय हैं ये 4 मंत्र, मन और आत्मा की शांति के लिए करें जाप

नवरात्रि के पांचवें दिन देवताओं के सेनापति कुमार कार्तिकेय की माता की पूजा होती है.
नवरात्रि के पांचवें दिन देवताओं के सेनापति कुमार कार्तिकेय की माता की पूजा होती है.

नवरात्रि (Chaitra Navratri 2020) के 9 दिनों में माता के विभिन्न 9 स्वरूप मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा देवी, मां स्कंदमाता, मां कत्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2020, 2:44 PM IST
  • Share this:
इन दिनों भारत में चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2020) का त्योहार मनाया जा रहा. 25 मार्च से शुरू हुई चैत्र नवरात्रि 3 अप्रैल तक चलेगी. नवरात्रि के 9 दिनों में माता के विभिन्न 9 स्वरूप मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा देवी, मां स्कंदमाता, मां कत्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है. हालांकि इन दिनों भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के कारण चैत्र नवरात्रि की रौनक नहीं दिख रही है.

पूजा-पाठ का सामान बेचने वाली लगभग दुकानों और मंदिरों पर ताला लगा हुआ है. मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2020) में जो भी भक्त विधि-विधान से पूजा करता है और मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करता है उसे सफलता प्राप्त होती है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा के कुछ विशेष मंत्रों का जाप किया जाए तो इससे मन और आत्मा दोनों को शांति मिलती है. आइए जानते हैं मां दुर्गा को प्रसन्न करने वाले वो मंत्र.

 
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।



 
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

 
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै ....................नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

 
* नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै'

कैसे करें इन मंत्रों का जाप

मां दुर्गा के इन मंत्रों का जाप करने के लिए प्रातःकाल स्नान करने के बाद घर में बने पूजा स्थान पर बैठे. दीपक जलाएं और मां दुर्गा को नमन करते हुए किसी भी एक मंत्र का जाप 108 बार करें. मान्यता है कि इन मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और दिमाग में कई ऊर्जा का संचार होता है. ऐसा कहा जाता है कि मां दुर्गा के इन मंत्रों का जाप नवरात्रि के अलावा बाकि दिनों में किया जाए तो मनुष्य के जीवन से सभी कष्ट मिट जाते हैं.

 
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज