Navratri 2021 6th Day: नवरात्रि में पढ़ें देवी कात्यायनी का कवच और कथा, मिलेगी मां की कृपा

देवी कात्यायनी की पूजा करने से साधक इन्द्रियों को वश में कर सकता है.

देवी कात्यायनी की पूजा करने से साधक इन्द्रियों को वश में कर सकता है.

Navratri 2021 6th Day Worship Maa Katyayani Kavach And Katha- अविवाहित जातक यदि मां की पूजा अर्चना करें तो उन्हें मनोवांछित जीवन साथी की प्राप्ति होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 18, 2021, 5:46 PM IST
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Navratri 2021 6th Day Worship Maa Katyayani Kavach And Katha-नवरात्रि का आज 6वां दिन है. नवरात्रि का छठवां दिन मां नव दुर्गा के कात्यायिनी स्वरुप को समर्पित माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, अविवाहित जातक यदि मां की पूजा अर्चना करें तो उन्हें मनोवांछित जीवन साथी की प्राप्ति होती है. देवी कात्यायनी की पूजा करने से मन की शक्ति मजबूत होते है और साधक इन्द्रियों को वश में कर सकता.षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पूजा गोधुलि बेला यानि शाम के समय में करना उत्तम माना गया है. धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवी कात्यायिनी ने ही राक्षस महिषासुर का मर्दन किया था.

आज भक्तों ने सुबह कात्यायिनी की पूजा अर्चना, आरती और मंत्रों का जाप किया और शाम को कथा और कवच का पाठ करेंगे. आइए पढ़ते हैं चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मां कात्यायिनी का कवच और कथा...

मां कात्यायनी का कवच:

कात्यायनौमुख पातु कां स्वाहास्वरूपिणी.
ललाटे विजया पातु मालिनी नित्य सुन्दरी॥

कल्याणी हृदयम् पातु जया भगमालिनी॥

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मां कात्यायनी कथा:

पौराणिक कथा के अनुसार, कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की. कठिन तपस्या की. उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो. मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया.

इसलिए यह देवी कात्यायनी कहलाईं. इनका गुण शोधकार्य है. इनकी कृपा से ही सारे कार्य पूरे जो जाते हैं. ये वैद्यनाथ नामक स्थान पर प्रकट होकर पूजी गईं. मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं.

भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी. यह पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी. इसीलिए ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं. इनका स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है. ये स्वर्ण के समान चमकीली हैं और भव्य हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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