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Navratri 2021: माता के इस मंदिर में 40 दिन तक दीपक जलाने पर होती है हर मुराद पूरी

Navratri 2021: माता के इस मंदिर में 40 दिन तक दीपक जलाने पर होती है हर मुराद पूरी

मेरठ स्थित नवचंडी माता का मंदिर हजारों साल पहले स्थापित किए जाने की मान्यता है.

मेरठ स्थित नवचंडी माता का मंदिर हजारों साल पहले स्थापित किए जाने की मान्यता है.

Navratri 2021: मेरठ में स्थित नौचण्डी देवी का मंदिर हजारों वर्ष पुराना माना जाता है. इस मंदिर में हिंदू ही नहीं मुस्लिम भी आकर माथा टेकते हैं.

    Navratri 2021: दुर्गा माता के विभिन्न रूपों को शक्ति का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में इन रुपों की भक्तों द्वारा आराधना की जाती है. देशभर में देवी मां के कई प्रसिद्ध एवं चमत्कारी मंदिर हैं. जहां दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है. मेरठ में नवचंडी माता (Navchandi Mata) का एक ऐसा ही प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है, जिसे लेकर मान्यता है कि यह हजारों वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था. इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है. कहते हैं कि सिर्फ हिंदू लोग ही नहीं बल्कि मुस्लिम धर्म को मानने वाले लोग भी इस मंदिर में आकर माथा टेकते हैं. इस मंदिर में सैंकड़ों साल पुरानी एक तलवार भी है. कहते हैं कि ये तलवार ब्रिटिशकाल की है. मां का दर्शन करने आने वाले लोग इस तलवार को भी पूजते हैं. दशहरे (Dussehra) के मौके पर इस तलवार की विधिविधान से पूजा की जाती है.

    यहां हर साल लगने वाला नौचंदी का मेला भी काफी प्रसिद्ध है. यह मेला मेरठ की पहचान है. नवचंडी मंदिर के ठीक सामने एक मजार है. हिंदू धर्मावलंबी जब मंदिर में दर्शन करने आते हैं तो मजार पर जाते हैं, वहीं मुस्लिम धर्मावलंबी जब मजार पर आते हैं तो वे मंदिर में माथा टेकने पहुंचते हैं. ऐसी मान्यता भी है कि यहां आने वाले लोगों की मनोकामना तभी पूरी होती है जब वे माता के दरबार में जाकर माथा टेकते हैं.

    मंदिर को लेकर ये है मान्यता
    नवचंडी माता का मंदिर हजारों साल पुराना माना जाता है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि अगर कोई भी श्रध्दालु लगातार चालीस दिन तक मंदिर में माता के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाता है और दीप प्रज्जवलित करता है तो उसकी माता सारी मुरादें पूरी कर देती हैं. इस मंदिर को लेकर किवदंती है कि इस मंदिर में माता नवचंडी की स्थापना लंका नरेश रावण की पत्नी मंदोदरी ने की थी, उन्होंने ही इस मूर्ति की पूजा शुरू की थी. इस मंदिर तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक गुप्त मार्ग भी बनवाया था. वे इसी रास्ते से मंदिर में पूजा के लिए आती थीं.

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    ऐसे पहुंच सकते हैं मंदिर
    नवचंडी माता के मंदिर के दर्शनों के लिए अगर यात्रा की शुरुआत दिल्ली से करें तो सबसे पहले भैंसाली बस अड्डा तक पहुंचना होगा. दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 65 किलोमीटर की है. यहां से नौचंदी ग्राउंड तक सिटी बस से पहुंचा जा सकता है. यहां से माता मंदिर की दूरी सिर्फ 3 किलोमीटर की है. जिसके लिए लोकल साधन मौजूद रहते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Navratri, Navratri 2021, Religion

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