होम /न्यूज /धर्म /Shardiya Navratri 2022: मां कूष्मांडा की पूजा विधि, प्रिय भोग, मंत्र और महत्व, जानें नवरात्रि के चौथे दिन की महत्वपूर्ण बातें

Shardiya Navratri 2022: मां कूष्मांडा की पूजा विधि, प्रिय भोग, मंत्र और महत्व, जानें नवरात्रि के चौथे दिन की महत्वपूर्ण बातें

 इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा करते हैं.

इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा करते हैं.

4th Day Of Navratri Maa Kushmanda Puja: आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है. इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मां ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है.
मां कूष्मांडा की पूजा करने से उनके भक्तों के दुख दूर होते हैं.
मां कूष्मांडा को पूजा के समय हलवा या दही का भोग लगाना उत्तम है.

4th Day Of Navratri Maa Kushmanda Puja: आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है. इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा करते हैं. मां कूष्मांडा की पूजा करने से उनके भक्तों के दुख दूर होते हैं, उनको कष्टों से मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि मां कूष्मांडा में समस्त सृष्टि का सृजन करने की शक्ति समाहित है. संस्कृत में कूष्मांडा का अर्थ कुम्हड़ा होता है, जिसमें काफी संख्या में बीज होते हैं, जिनसे नए जीवन का सृजन होता है. ऐसे ही मां कूष्मांडा की महिमा है. इस वजह से ही उनकी पूजा में कुम्हड़े की बलि देने की परंपरा है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं मां कूष्मांडा की पूजा विधि, प्रिय भोग, रंग और पूजन मंत्र के बारे में.

मां कूष्मांडा पूजा मंत्र
सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

मां कूष्मांडा बीज मंत्र
ऐं ह्री देव्यै नम:

ये भी पढ़ेंः दुर्गा पूजा में किस देवी की आराधना से मिलता है कौन सा आशीर्वाद?

मां कूष्मांडा का प्रिय भोग
मां कूष्मांडा को पूजा के समय हलवा या दही का भोग लगाना उत्तम है. यह माता को अति प्रिय है. पूजा के समय मां कूष्मांडा को यदि सफेद कुम्हड़े की बलि दी जाती है तो वे प्रसन्न होती हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है.

मां कूष्मांडा का प्रिय फूल और रंग
मां कूष्मांडा को लाल रंग प्रिय है, इसलिए पूजा में उनको लाल रंग के फूल जैसे गुड़हल, लाल गुलाब आदि अर्पित कर सकते हैं. इससे देवी प्रसन्न होती हैं.

मां कूष्मांडा की पूजा का महत्व
1. मां कूष्मांडा की पूजा करने से व्यक्ति को संकटों से मुक्ति मिलती है.
2. यदि आपको कोई रोग या दोष है तो आपको मां कूष्मांडा की पूजा करनी चाहिए.
3. जिस व्यक्ति को संसार में प्रसिद्धि की चाह रहती है, उसे मां कूष्मांडा की पूजा करनी चाहिए. देवी की कृपा से उसे संसार में यश की प्राप्ति होगी.
4. मां कूष्मांडा में सृजन की अपार शक्ति है. इसलिए वे जीवन प्रदान करने वाली माता हैं. इनकी पूजा करने से व्यक्ति की आयु बढ़ती है.

ये भी पढ़ेंः जपें ये प्रभावशाली दुर्गा मंत्र, मिलेगा धन, सौभाग्य, सफलता

मां कूष्मांडा की पूजा विधि
आज प्रातः स्नान के बाद आप मां कूष्मांडा का ध्यान करें. फिर उनका गंगाजल से अभिषेक करें.उसके पश्चात मां कूष्मांडा को लाल वस्त्र, लाल रंग के फूल, अक्षत्, सिंदूर, पंचमेवा, नैवेद्य, श्रृंगार सामग्री आदि अर्पित करें. इस दौरान उनके मंत्र का उच्चारण करते रहें.

फिर मां कूष्मांडा को दही और हलवे का भोग लगाएं. सफेद कुम्हड़ा या कुम्हड़ा है तो उसे मातारानी को अर्पित कर दें. फिर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और अंत में घी के दीप या कपूर से मां कूष्मांडा की आरती करें.

आरती के बाद उस दीपक को पूरे घर में दिखा दें. इससे नकारात्मकता दूर हो जाएगी. अब मां कूष्मांडा से अपने परिवार के सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा का आशीर्वाद लें.

Tags: Dharma Aastha, Durga Pooja, Navaratri, Navratri

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें