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Navratri 2022: नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें? जानें किन बातों का रखना है ध्यान

सनातन धर्म से जुड़े लोगों को नवरात्रि के समय में नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए.

सनातन धर्म से जुड़े लोगों को नवरात्रि के समय में नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए.

Navratri 2022 Dos And Donts: यदि आप नवरात्रि के व्रत रखते हैं या नहीं रखते, फिर इन 09 दिनों में आपको कुछ नियमों का पालन ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

नवरात्रि में आप सुबह-शाम पूजन नहीं कर सकते हैं तो सुबह और संध्या की आरती अवश्य ही करें.
नवरात्रि में आपको दुर्गा चालीसा, दुर्गासप्तशती और देवीभागवत पुराण का पाठ करना चाहिए.
आप अपने किसी भी व्यवहार से किसी महिला को दुखी न करें.

Navratri 2022 Dos And Donts: शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 26 सितंबर से हो चुका है, जो 05 अक्टूबर को दशहरा के दिन समापन होगा. नवरात्रि के समय में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. मातारानी के हर स्वरूप का अपना एक महत्व है. यदि आप नवरात्रि के व्रत रखते हैं या नहीं रखते, फिर इन 09 दिनों में आपको कुछ नियमों का पालन करना होता है. कई ऐसी गतिविधियां होती हैं जिन पर पाबंदी होती है, उनको इस समय के दौरान करना वर्जित होता है. यदि आप उन बातों का ध्यान नहीं रखते हैं तो आप मां दुर्गा की कृपा से वंचित रह सकते हैं.

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डाॅ. गणेश मिश्र कहते हैं कि सनातन धर्म से जुड़े लोगों को नवरात्रि के समय में नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए. जो व्रत रखता है, उसे तो और अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है. आइए जानते हैं नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें.

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नवरात्रि में क्या करें?
1. नवरात्रि के प्रथम दिन यानि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि अपने पूजा स्थान और घर की साफ सफाई अच्छे से करनी चाहिए.

2. पहले दिन कलश स्थापना करके मां दुर्गा की स्थापना करनी चाहिए और पूरे नौ दिनों तक उनका विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए.

3. नवरात्रि में आप दोनों समय यानि सुबह और शाम में पूजन नहीं कर सकते हैं तो सुबह और संध्या की आरती अवश्य ही करें.

4. नवरात्रि में आपको दुर्गा चालीसा, दुर्गासप्तशती और देवीभागवत पुराण का पाठ करना चाहिए. देवी भागवत पुराण मेें मां दुर्गा की महिमा का वर्णन विस्तार से किया गया है.

5. दुर्गा पूजा में सप्तशती का पाठ करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं क्योंकि उसमें दिए गए सिद्ध मंत्र काफी फलदायी माने जाते हैं.

6. जो लोग व्रत रखते हैं, उनको चारपाई पर सोना वर्जित होता है. या तो आप जमीन पर सोएं या फिर तखत पर.

7. नवरात्रि के समय में व्रत रखने वाले फलाहार करते हैं. सात्विक भोजन के साथ ही मन, कर्म और वचन की शुद्धता भी आवश्यक है.

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8. जो लोग नौ दिनों तक व्रत नहीं कर सकते हैं, वे पहले दिन और दुर्गा अष्टमी के दिन व्रत रखें.

9. जो स्वास्थ्य कारणों से व्रत नहीं रख सकते हैं. वे सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करते हुए मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं. पूजा में व्रत की बाध्यता नहीं है.

नवरात्रि में क्या न करें
1. सबसे पहले मांसाहार और तामसिक भोजन का त्याग कर दें. लहसुन प्याज का सेवन बंदर कर दें.

2. नवरात्रि के समय में पान, गुटखा, तांबाकू, शराब आदि का सेवन न करें.

3. दुर्गा पूजा के दिनों में महिला के साथ संबंध न बनाएं. ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें.

4. नवरात्रि के दिनों में बाल, नाखुन, दाढ़ी आदि न काटें.

5. किसी के विषय में गलत न सोचें, ना ही कोई ऐसा कार्य करें, जो स्वयं को अच्छा न लगे.

6. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नवरात्रि शक्ति की देवी की पूजा का अवसर है. आप अपने किसी भी व्यवहार से किसी महिला को दुखी न करें. उसे अपमानित न करें. महिलाओं का सम्मान करें.

Tags: Chaitra Navratri, Durga Pooja, Navaratri

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