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Navratri 2021: 07 अक्टूबर से शुरू हो रही है नवरात्रि, इस तरह करें सारी तैयारी

Navratri 2021: 07 अक्टूबर से शुरू हो रही है नवरात्रि, इस तरह करें सारी तैयारी

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से होने जा रही है. Image - Shutterstock.com

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से होने जा रही है. Image - Shutterstock.com

Navratri 2021: नवरात्रि के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त अनुसार ही घटस्थापना करने के बाद मां शैलपुत्री की आराधना करने का विधान है.

  • News18Hindi
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    Navratri 2021: इस वर्ष अक्‍टूबर का महीना धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्‍वपूर्ण रहने वाला है. पितृ पक्ष के बाद अधिकमास (Adhik Maas) में शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है. इसके बाद नवरात्रि (Navratri) से शुभ समय शुरू होता है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. इस साल नवरात्रि की शुरुआत 07 अक्टूबर से होने जा रही है, 15 अक्टूबर को नवमी तिथि पूरी होते ही इसका समापन हो जाएगा. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों कीपूजा आराधना की जाती है. देवीभागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत के रूप में देखा जाता रहा है.

    नवरात्रि में माता हर साल अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं. इसका अलग-अलग महत्व भी होता है. नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व है. माता रानी की स्थापना में कड़े नियमों का पालन और विधि-विधान बेहद अनिवार्य होता है. माता के विराजने और उनके पूजनको लेकर जिन जरूरी चीजों की आवश्यकता होती है. उसे पहले ही तैयार कर लेना चाहिए.

    इस तरह करें कलश स्थापना
    नवरात्रि की पूजा करने से पहले कलश स्थापना करना जरूरी होता है. इसका विशेष महत्व है. कलश स्थापना हमेशा शुभ मूहूर्त में की जाती है. सबसे पहले मंदिर की अच्छे से साफ सफाई करें. फिर लाल कपड़ा बिछाएं. तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश की स्थापना की जा सकती है. कलश 9 दिनों तक एक ही स्थान पर रहता है. कलश में गंगा जल या स्वच्छ पानी भर दें. इसमें सुपारी, इत्र, अक्षत सहित अन्य पूजन सामग्री डाल दें. इस पर 5 अशोक पत्ते रख दें. अब नारियल पर लाल कपड़ा या चुन्नी लपेट दें.
    अब नारियल और चुन्नी को रक्षा सूत्र बांधे. इस तैयार करने के बाद जौ वाला पात्र रखें. अब इस पात्र पर कलश रखकर नारियल रख दें. इस तरह कलश स्थापना होती है.

    इसे भी पढ़ें: Navratri 2021: नवरात्रि में देवी मां के इन नौ रुपों की होती है आराधना, आप भी जानें

    नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट
    नवरात्रि में मां दुर्गा के विधि विधान से पूजन के लिए जरूरी सामग्रियों का होना अनिवार्य है. हम आपको उन सभी सामग्रियों की जानकारी देने जा रहे हैं जो माता की पूजन की थाली में रहना अनिवार्य होता है. इसमें श्रीदुर्गा की सुंदर प्रतिमा या फोटो, सिंदूर, केसर, कपूर, धूप,वस्त्र, दर्पण, कंघी, कंगन-चूड़ी, लाल रंग की गोटेदार चुनरीलाल रेशमी चूड़ियां, सिन्दूर, – आम के पत्‍ते, लाल वस्त्र, लंबी बत्ती के लिए रुई या बत्ती, धूप, सुगंधित तेल, बंदनवार आम के पत्तों का, पुष्प, दूर्वा, मेंहदी, बिंदी, सुपारी साबुत, हल्दी की गांठ और पिसी हुई हल्दी, पटरा, आसन, चौकी, रोली, मौली, पुष्पहार, बेलपत्र, कमलगट्टा, दीपक, दीपबत्ती, नैवेद्य, मधु, शक्कर, पंचमेवा, जायफल, लाल झंडा, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, असली
    कपूर, उपले, फल/मिठाई, दुर्गा चालीसा व आरती की किताब,कलावा, मेवे, हवन के लिए आम की लकड़ी, जौ, पांच मेवा, घी, लोबान,गुग्गुल, लौंग, कमल गट्टा,सुपारी, कपूर, अगरबत्ती, माचिस ,चौकी, चौकी के लिए लाल कपड़ा, पानी वाला जटायुक्त नारियल, दुर्गासप्‍तशती किताब, कलश, साफ चावल, कुमकुम,मौली, श्रृंगार का सामान, दीपक, घी/ तेल ,फूल, फूलों का हार, पान, सुपारी और हवन कुंड आदि. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित
    हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Navratri 2021, Navratri Celebration

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