लाइव टीवी

New year 2020: नए साल में हर क्षेत्र में मिलेगी कामयाबी, रट लें गीता के ये मंत्र

News18Hindi
Updated: December 29, 2019, 11:28 AM IST
New year 2020: नए साल में हर क्षेत्र में मिलेगी कामयाबी, रट लें गीता के ये मंत्र
भगवत गीता की राह पर चलकर मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

New year 2020: मनुष्य गीता के उपदेशों को ध्यान में रखकर अपने पथ पर आगे बढ़े तो उसे नौकरी, व्यवसाय के साथ जीवन को सकारात्मक शक्ति के साथ जीने का हौंसला मिला. इतना ही नहीं गीता के उपदेशों को समरण रखते हुए मोक्ष की प्राप्ति भी कर सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2019, 11:28 AM IST
  • Share this:
श्रीमद् भगवत गीता का एक-एक शब्द भगवान कृष्ण के मुख से निकला हुआ है. त्रेतायुग में कौरवों और पांडवों के बीच हुए धर्मयुद्ध के बीच जब अर्जुन खुद को मोह के बंधन में उलझा हुआ प्रतीत कर रहे थे, उस समय श्रीकृष्ण ने कई उपदेश दिए. इन्हीं उपदेशों से गीता का जन्म हुआ. धर्मयुद्ध में गीता के उपदेश देते वक्त श्रीकृष्ण को यह बात ज्ञात की थी कि जल्द ही कलयुग का आरंभ होने वाला है. कलयुग में मनुष्य मोह, माया, छल, कपट, लालच और लोभ के जाल में उलझ जाएगा और उसका पथ भ्रष्ट हो जाएगा. भ्रष्ट पथ से मनुष्य को नेकी के मार्ग पर लाने के लिए दिव्य ज्ञान की आवश्कता होगी, जिससे मनुष्य के बंधन से मुक्ति प्राप्त कर सके.

यदि मनुष्य गीता के उपदेशों को ध्यान में रखकर अपने पथ पर आगे बढ़े तो उसे नौकरी, व्यवसाय के साथ जीवन को सकारात्मक शक्ति के साथ जीने का हौंसला मिला. इतना ही नहीं गीता के उपदेशों को समरण रखते हुए मोक्ष की प्राप्ति भी कर सकता है. इसलिए आज जानते हैं गीता में दिखाए गए उस मार्ग को जिस पर चलने से मनुष्य अपने जीवन में खुशियां ला सकता है.

इसे भी पढ़ें: Sunday Special: क्या आप जानते हैं देश दुनिया के इन अजब गजब मंदिरों के बारे में

सेहत है सर्वप्रथम

श्रीमद भगवत गीता का सबसे अहम ज्ञान है सेहत को सबसे पहले रखना. सेहत का ध्यान रखने के लिए मनुष्य को संतुलित आहार लेने की आवश्य़कता होगी. श्रीकृष्ण ने कहा है कि व्यक्ति स्वस्थ रहेगा, तभी रोजाना साधना, उपासना, दैनिक कार्य, सामाजिक प्यार का लाभ उठा पाएगा. सेहत अच्छी रहेगी तभी तो कार्यक्षेत्र में भी ध्यानकेंद्रीत करने में आसानी होगी और सफलता कमद चमूगी.

 

इसे भी पढ़ें: Sunday Special: अलग-अलग मंदिरों में मिलने वाले इन प्रसादों के बारे में क्या आप जानते हैं?जैसा खाए अन्न वैसा हो मन
बड़े-बुजुर्गों के कहा है, मनुष्य जैसा भोजन करना है उसका मन भी वैसे ही काम करता है. गीता में भी श्रीकृष्ण ने यही कहा है. इसलिए जब सफलता को पाना हो तो मनुष्य को सदैव सात्विक, पौष्टिक परिपूर्ण आहार ही लेना चाहिए. सात्विक आहार को लेने से दिमाग में नकारात्क शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं.

समय से बढ़कर कुछ नहीं
पुरानी कहावत है, जिस इंसान से समय को सही तरीके से मैनेज कर लिया, उसने जीवन के पहले पड़ाव को पार कर लिया. सफलता पाने का भी यही तरीका है. जब सभी काम सही समय पर पूरे होंगे तो सफलता को आपके साथ आने से कोई नहीं रोक सकता.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कल्चर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 29, 2019, 10:39 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर