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जानें किस दिन भगवान विष्णु धारण करेंगे कल्कि अवतार, खत्म हो जाएगा कलियुग

भगवान विष्णु का मानना है कि समस्याओं का समाधान शांत रहकर ही सफलतापूर्वक ढूंढा जा सकता है.
भगवान विष्णु का मानना है कि समस्याओं का समाधान शांत रहकर ही सफलतापूर्वक ढूंढा जा सकता है.

भगवान विष्णु (Lord Vishnu) जगत के पालनहार कहलाते हैं. पुराणों में भगवान विष्णु के दो रूप बताए गए हैं. एक रूप में तो उन्हें बहुत शांत, प्रसन्न और कोमल बताया गया है और दूसरे रूप में प्रभु को बहुत भयानक बताया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 8:43 AM IST
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हिंदू धर्म में गुरुवार (Thursday) के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. कहते हैं सच्चे मन से उनकी पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं भगवान विष्णु जरूर पूरा करते हैं. हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी संकटों (Obstacles) से छुटकारा मिलता है. भगवान विष्णु जगत के पालनहार कहलाते हैं. पुराणों में भगवान विष्णु के दो रूप बताए गए हैं. एक रूप में तो उन्हें बहुत शांत, प्रसन्न और कोमल बताया गया है और दूसरे रूप में प्रभु को बहुत भयानक बताया गया है. जहां श्रीहरि काल स्वरूप शेषनाग पर आरामदायक मुद्रा में बैठे हैं. लेकिन प्रभु का रूप कोई भी हो, उनका हृदय तो कोमल है और तभी तो उन्हें कमलाकांत और भक्तवत्सल कहा जाता है. कहा जाता है कि भगवान विष्णु का शांत चेहरा कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति को शांत रहने की प्रेरणा देता है. भगवान विष्णु का मानना है कि समस्याओं का समाधान शांत रहकर ही सफलतापूर्वक ढूंढा जा सकता है.

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एक इंसान दूसरे के खून का प्यासा हो जाएगा
शास्त्रों में कहा गया है कि जैसे-जैसे घोर कलियुग आता जाएगा, वैसे-वैसे दिनों-दिन धर्म, सत्य, पवित्रता, क्षमा, आयु समाप्ति की कगार पर आ जाएंगे. यह भी बताया गया है कि कलियुग में जिसके पास धन होगा उसी को लोग कुलीन, सदाचारी मानेंगे और जो जितना छल-कपट कर सकेगा वह समाज में लोगों की नजरों में सबसे कुशल व्यवहार वाला माना जाएगा. माना जाता है कि जिस प्रकार से कलियुग (वर्तमान युग) में वारदात की घटनाएं सामने आ रही हैं, एक समय ऐसा भी आएगा जब ऐसी घटनाएं अपने चरम पर होंगी. एक इंसान दूसरे के खून का प्यासा हो जाएगा. गरीब से लेकर अमीर वर्ग के लोगों में ईष्या होने लगेगी. अधर्मियों का बोलबाला होगा.
पत्तियां खाकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे


एक प्रजा को संभालने के लिए हमेशा ही एक राजा मौजूद होता है लेकिन आने वाले घोर कलियुग के समय में किसी भी नगर का राजा नहीं होगा. वहां केवल अधर्मियों का राज होगा. दरअसल जो बल से बली होगा सारे साम्राज्य में उसका राज होगा. मान्यता है कि एक समय ऐसा भी आएगा जब चारों ओर अकाल पड़ जाएगा. लोग भोजन की भूख को छोड़कर जानवरों की तरह पत्तियां खाकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे. कलियुग यानी कलह-क्लेश से युक्त का युग. इस युग में लोगों में सिर्फ और सिर्फ असंतोष दिखाई देगा और जैसे-जैसे बल-बुद्धि, धर्म, पूजा-पाठ का अंत होगा, लोग धर्म में पाखंड से जुड़ने लगेंगे.

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कल्कि को विष्णु का भावी और अंतिम अवतार माना गया है
वहीं विष्णु पुराण के अनुसार ऐसे समय में भगवान जिनका रंग गोरा बताया जाता है वह गुस्से के कारण काला हो जाएगा. युद्ध के समय इनके हाथों में दो तलवारें होती हैं. इनका नाम कल्कि होगा. यह एक ब्राम्हण के घर जन्म लेंगे. कल्कि को विष्णु का भावी और अंतिम अवतार माना गया है. पृथ्वी पर जब पाप की सीमा पार होने लगेगी तब दुष्टों के संहार के लिए विष्णु का यह अवतार प्रकट होगा. इसी के साथ कलियुग की समाप्ति हो जाएगी और सतयुग दोबारा प्रारंभ होगा.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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