Onam 2020: जानें कब से शुरू हो रहा है 10 दिवसीय ओणम महोत्सव, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Onam 2020: जानें कब से शुरू हो रहा है 10 दिवसीय ओणम महोत्सव, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
इस पर्व को लेकर विशेष मान्यता है कि इसी दौरान राजा बलि पाताल लोक से अपनी प्रजा की सुध लेने आते हैं.

मलयालम कैलेंडर के अनुसार जब चिंगम माह में श्रावण/थिरुवोणम नक्षत्र प्रबल होता है, तब थिरु ओणम (Thiruvonam) की पूजा की जाती है. इसलिए मलयालम में श्रावन नक्षत्र को ही, थिरु ओणम के नाम से जाना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 18, 2020, 2:39 PM IST
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ओणम (Onam) महोत्सव दक्षिणी भारत के राज्य केरल का सबसे प्रमुख पर्व होता है. दस दिवसीय इस त्योहार का दसवां व अंतिम दिन बेहद खास होता है, जिसे थिरुवोणम (Thiruvonam) कहते हैं. मलयालम कैलेंडर के अनुसार, जब चिंगम माह में श्रावण/थिरुवोणम नक्षत्र प्रबल होता है, तब थिरु ओणम की पूजा की जाती है. इसलिए मलयालम में श्रावन नक्षत्र को ही, थिरु ओनम के नाम से जाना जाता है. वर्ष 2020 में ये खास पर्व शुक्रवार, 21 अगस्त से शुरू होकर, 2 सितंबर तक चलेगा. हालांकि ओणम का मुख्य पर्व सोमवार, 31 अगस्त को मनाया जाएगा. हर साल मनाए जाने वाला ओणम का त्योहार बहुत धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ, खासतौर से फसल (Grains) काटकर घर लाने की खुशी में अपने आराध्य का धन्यवाद करने के लिए मनाया जाता है.

ओणम 2020 का शुभ मुहूर्त
ओणम महोत्सव का प्रारंभ- शुक्रवार, 21 अगस्त
थिरुवोणम नक्षत्रं आरम्भ- अगस्त 30, 2020 को 13:52:20 से
थिरुवोणम नक्षत्रं समाप्त- अगस्त 31, 2020 को 15:04:17 पर
ओणम महोत्सव का अंतिम दिन- बुधवार, 2 सितंबर



ओणम पर्व का धार्मिक और पौराणिक महत्व
इस पर्व को लेकर विशेष मान्यता है कि इसी दौरान राजा बलि पाताल लोक से अपनी प्रजा की सुध लेने आते हैं. पौराणिक काल में राजा बलि केरल के राजा थे और माना जाता हैं कि उनके शासनकाल में केरल की प्रजा बहुत खुशहाल और समृद्ध थी. इसलिए इतिहास में राजा बलि को महादानी और महाबली भी कहा गया है. शास्त्रों में राजा बलि के शौर्य और उनके साहस को लेकर भी कई कथाओं का उल्लेख मिलता है. उन्हीं में से एक के अनुसार, एक समय ऐसा भी बताया गया है, जब राजा बलि ने अपने बल से तीनों लोकों पर अपना अधिपत्य जमाया था जिसके बाद स्वंय भगवान विष्णु को उनसे युद्ध करने के लिए, वामन अवतार लेना पड़ा था.

उसके बाद ही भगवान विष्णु ने राजा बलि से उनका सारा राज्य लेते हुए, उन्हें पाताल लोक भेज दिया था. हालांकि माना जाता है कि भगवान विष्णु से निवेदन के बाद, राजा बलि को ये वरदान मिला कि वो साल में एक दिन पृथ्वी पर अपनी प्रजा को देखने आ सकते हैं, और इसी विशेष दिन को ओणम के नाम से आज जाना जाता है. अपने राजा के आने की खुशी में इस दिन केरल के लोग महोत्सव मनाते हुए, कुछ खास कार्य करते हैं. (साभार- Astrosage.com)
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