Onam 2020: दस दिन तक चलने वाले ओणम की खास पूजा है आज, जानें शुभ मुहूर्त

Onam 2020: दस दिन तक चलने वाले ओणम की खास पूजा है आज, जानें शुभ मुहूर्त
ओणम की पूजा मंदिर में नहीं बल्कि घर में की जाती है.

दस दिवसीय ओणम (Onam 2020) त्योहार का दसवां व अंतिम दिन बेहद खास होता है, जिसे थिरुवोणम (Thiruvonam) कहते हैं. मलयालम कैलेंडर के अनुसार, जब चिंगम माह में श्रावण/थिरुवोणम नक्षत्र प्रबल होता है, तब थिरुवोणम की पूजा की जाती है.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 11:29 AM IST
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दक्षिण भारत में ओणम (Onam 2020) का त्योहार बहुत ही लोकप्रिय है. केरल (Kerala) में इसे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. ओणम को खासतौर पर खेतों में फसल की अच्छी उपज के लिए मनाया जाता है. इस बार ओणम 22 अगस्त 020 से शुरू होकर 2 सितंबर तक पूरे 10 दिन मनाया जा रहा है. इसकी मुख्य पूजा (Onam puja) सोमवार, 31 अगस्त को हो रही है. दस दिवसीय इस त्योहार का दसवां व अंतिम दिन बेहद खास होता है, जिसे थिरुवोणम (Thiruvonam) कहते हैं. मलयालम कैलेंडर के अनुसार, जब चिंगम माह में श्रावण/थिरुवोणम नक्षत्र प्रबल होता है, तब थिरु ओणम की पूजा की जाती है. Onam 2020: दस दिन तक चलने वाले ओणम की खास पूजा है आज, जानें शुभ मुहूर्तओणम की पूजा मंदिर में नहीं बल्कि घर में की जाती है.

क्या है ओणम का इतिहास?
ओणम को मनाने के पीछे एक पौराणिक मान्यता है. कहा जाता है कि केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था. उसके आदर सत्कार में ही ओणम त्योहार मनाया जाता है. उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी व संपन्न थी. इसी दौरान भगवान विष्णु वामन अवतार लेकर आए और तीन पग में उनका पूरा राज्य लेकर उनका उद्धार कर दिया. माना जाता है कि वह साल में एक बार अपनी प्रजा को देखने के लिए आते हैं. तब से केरल में हर साल राजा बलि के स्वागत में ओणम का पर्व मनाया जाता है.

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ओणम का महत्व और खास व्यंजन


ओणम पर्व का खेती और किसानों से गहरा संबंध है. किसान अपने फसलों की सुरक्षा और अच्छी उपज के लिए श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं. फसल पकने की खुशी लोगों के मन में एक नई उम्मीद और विश्वास जगाती है. इन दिनों पूरे घर की विशेष साफ-सफाई की जाती है. इसके बाद लोग पूरे घर को फूलों से सजाते हैं. घरों को फूलों से सजाने का कार्यक्रम पूरे 10 दिनों तक चलता है. लोग अपने दरवाजों पर फूलों से रंगोली भी बनाते हैं. ओणम उत्सव के दौरान एक पारंपरिक दावत समारोह का आयोजन किया जाता है.

इस समारोह में मीठे व्यंजनों के अलावा नौ स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं जिनमें पचड़ी काल्लम, ओल्लम, दाव, घी, सांभर, केले और पापड़ के चिप्स मुख्य रूप से शामिल होते हैं. इन व्यंजनों को केले के पत्तों पर परोसा जाता है. लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार वालों को इस पर्व की शुभकामनाएं देते हैं. ओणम भारत के सबसे रंगारंग त्योहारों में से एक है. इस पर्व की लोकप्रियता इतनी है कि केरल सरकार इसे पर्यटक त्योहार के रूप में मनाती है. ओणम पर्व के दौरान नाव रेस, नृत्य, संगीत, महाभोज जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है.

ओणम शुभ मुहूर्त
ओणम उत्सव आरंभ- 21 अगस्त 2020
ओणम महोत्सव की अंतिम तिथि- 2 सितंबर 2020
ओणम मुख्य पर्व थिरुवोणम नक्षत्र आरंभ तिथि और समय- 30 अगस्त 2020 दोपहर 01:52
थिरुवोणम नक्षत्र समाप्त- 31 अगस्त 2020 दोपहर 03:04 बजे(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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