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Parshuram Jayanti 2021: आज परशुराम जयंती, धरती पर आज भी हैं भगवान विष्णु के ये अवतार?

परशुराम जयंती पर जानें भगवान परशुराम के बारे में

Parshuram Jayanti 2021 Know Who is He And Connection With Lord Vishnu:भगवान परशुराम के परशु अस्त्र में चमत्कारिक शक्तियां थीं और ये खुद भगवान शिव (Lord Shiva) ने उन्हें दिया था.

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    Parshuram Jayanti 2021 Know Who is He And Connection With Lord Vishnu: आज परशुराम जयंती है. अक्षय तृतीया के दिन ही हर साल परशुराम जयंती मनाई जाती है. हालांकि कई बार पंचांग में भेद की वजह से यह एक तिथि आगे या पीछे भी हो सकती है. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं. ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं. इस बार कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण परशुराम जयंती लॉकडाउन में पड़ी है. इस वजह से परशुराम जयंती बेहद शान्ति के साथ मनाई जाएगी और कोई भी धार्मिक समारोह या शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी. भक्त घरों में ही परशुराम जी की पूजा करेंगे. आइए जानते हैं कि कौन थे परशुराम...

    परशुराम का परिचय:

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, परशुराम त्रेता काल में ऋषि जमदग्नि के घर परशुराम का जन्म हुआ था. उन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है. यही वजह है कि उन्हें समय-समय पर भगवान परशुराम के नाम से भी संबोधित किया गया. वैसे हाथों में हमेशा एक अस्त्र परशु रखने के कारण भी उन्हें परशुराम नाम दिया गया. पुराणों में में इस अस्त्र परशु का खूब उल्लेख मिलता है. मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम के परशु अस्त्र में चमत्कारिक शक्तियां थीं और ये खुद भगवान शिव ने उन्हें दिया था.






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    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवराज इन्द्र ने महर्षि जमदग्नि के पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न होकर ऋषि की पत्नी रेणुका को परशुराम के जन्म का आशीर्वाद दिया था. उनका वास्तविक नाम जामदग्न्य था. पिता भृगु ऋषि ने नामकरण संस्कार के तहत उनका नाम राम, जमदग्नि का पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और शिवजी द्वारा दिया हुआ परशु लेने के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा.

    यह भी कहा जाता है कि, परशुराम भगवान शिव के परम भक्त थे. इन्होंने धरती पर 21 बार क्षत्रियों का संहार किया था. गणेश भगवान को भी इनके गुस्से का शिकार होना पड़ा था. क्रोध के कारण परशुराम जी ने गणेश भगवान पर फरसे का वार कर दिया था जिससे उनका एक दांत टूट गया था. मान्यता है कि परशुराम जयंती से ही सतयुग प्रारंभ हुआ था. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    Published by:Bhagya Shri Singh
    First published: