आज से शुरू हुआ पर्यूषण पर्व, जानें इसके बारे में ख़ास बातें

पर्यूषण पर्व के दौरान जैन धर्म के लोग जप, तप, व्रत, संयम और धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन पर जोर देते हैं ताकि अन्तःकरण शुद्ध हो सके.

News18Hindi
Updated: August 27, 2019, 10:56 AM IST
आज से शुरू हुआ पर्यूषण पर्व, जानें इसके बारे में ख़ास बातें
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Updated: August 27, 2019, 10:56 AM IST
आज 27 सितंबर मंगलवार से जैन धर्म के प्रमुख पर्व 'पर्यूषण पर्व' की शुरुआत हो चुकी है. यह त्यौहार आज से शुरू होकर 3 सितंबर यानी कि 7 दिनों तक चलेगा. इस दौरान जैन धर्म के लोग आत्मा के शुद्ध भावों का चिंतन मनन करते हैं ताकि मन में व्याप्त नकारात्मकता से मुक्ति मिल सके. इस पर्व का उद्देश्य मन का शुद्धिकरण करना, जीवन में रौशनी और सकारात्मकता की तरफ अग्रसर होना और मानव सभ्यता का कल्याण करना है. इस पर्व की आधारशिला सत्य और अहिंसा का पालन और जीवन में सत्कर्म और सदाचार को अपनाना है. आइए जानते हैं इस धर्म के बारे में खास बातें...

पर्यूषण पर्व के दौरान जैन धर्म के लोग जप, तप, व्रत, संयम और धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन पर जोर देते हैं ताकि अन्तःकरण शुद्ध हो सके. इन सात दिनों में वो धार्मिक प्रवचन सुनते हैं और जरूरतमंदों को यथासंभव उचित दान भी करते हैं. इस त्यौहार के शुरू होने से पहले जैन धर्म के लोग अपने धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई और साज-सज्जा भी करते हैं. इस दौरान शोभायात्रा निकाली जाती है और भंडारे का आयोजन भी किया जाता है.

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पर्यूषण पर्व के दौरान जैन धर्म के लोग इस बात का विशेष ख्याल रखते हैं कि उनसे किसी भी जीव के प्रति कोई भी हिंसा न हो जाए. जैन धर्म में जीव हिंसा निषेध है. बारिश के मौसम में जीव जंतुओं की संख्या में इजाफा होने से उनके मरने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है. इसलिए किसी भी जीव को हानि न पहुंचे इस बात का ख़ास ख्याल रखा जाता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: August 27, 2019, 10:52 AM IST
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